आज भी हिमाचल के सैकड़ों लोग टूटे फूटे घरों या खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर है। लेकिन हिमाचल की ईमानदार सरकार ने 36 करोड़ की मालकिन को धर्मशाला में 52 कनाल जमीन दे दी है। भले ही हिमाचल प्रदेश सरकार हर दूसरे तीसरे महीने 500-1000 करोड़ का ऋण लेकर प्रदेश के हर आदमी का बाल बाल कर्जे में डुबो रही है लेकिन भाजपा के सदस्यों और करोड़पतियों के लिए इनके पास कोई कमी नही है।

भाजपा में शामिल होने वालीं बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को हिमाचल सरकार ने धर्मशाला में 52 कनाल जमीन दी है। यह जमीन अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन अकादमी खोलने के लिए दी गई है। हालाँकि, इस पूरे मामले में बरती गई तेजी पर सवाल उठने लगे हैं। राज्य सरकार का कहना रहा है कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के कदम जरूरी हैं। मगर आरोप लग रहा है कि हैदराबाद में रहने वालीं साइना को एक महीने से भी कम समय में जमीन आवंटित करना राजनीति से प्रेरित है वरना इस तरह के कई खिलाड़ियों के आवेदन हिमाचल सरकार के पास लम्बित हैं।

साइना ने 29 जनवरी को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली थी। उस समय बैडमिंटन खिलाड़ी ने कहा था कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में खेलों को बढ़ावा दिया, मैं उनसे प्रेरित हूं।’ साइना के साथ उनकी बहन चंद्रांशु ने भी भाजपा की सदस्यता ली थी। गौरतलब है कि एक महीना पहले ही साइना ने पति के साथ शिमला में हिमाचल के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात कर अकैडमी खोलने की इच्छा जताई थी। दत्तात्रेय भी हैदराबाद से हैं और बीजेपी के दिग्गज नेता रहे हैं।

अब कुछ दिन पहले खेल मंत्री राकेश पठानिया ने कहा था कि साइना की ओर से आवेदन मिला है। उसके एक हफ्ते के अंदर मंत्री ने जमीन आवंटित कर दिए जाने की बात कह दी। जमीन भी 52 कनाल है जो काफी अधिक बताई जा रही है। सवाल उठ रहे हैं कि इस अकादमी में क्या होगा, क्या प्लान है और प्रदेश को कैसे लाभ पहुंचेगा, मंत्री ने इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

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