Health News: बच्चे का दुबला-पतला शरीर अक्सर माता-पिता की चिंता का कारण बनता है। वजन न बढ़ने के पीछे खाने की आदतें या पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। कई बार तेज चयापचय या अत्यधिक गतिविधि भी ऊर्जा को शीघ्र खर्च कर देती है। वजन बढ़ाना एक क्रमिक प्रक्रिया है जिसमें सही आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रोजमर्रा के आहार में छोटे बदलाव स्वस्थ वृद्धि में सहायक होते हैं।
‘अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स’ के अनुसार बच्चों की वृद्धि धीरे-धीरे होती है। जंक फूड का सेवन और पौष्टिक आहार से दूरी समस्या बढ़ा सकती है। आयरन या जिंक जैसे पोषक तत्वों की कमी भी वृद्धि को प्रभावित करती है। पाचन संबंधी समस्याएं या लंबे समय तक संक्रमण भी एक कारण हो सकते हैं।
दूध में क्या मिलाकर पिलाने से मिलता है फायदा
दूध पोषण काएक समृद्ध स्रोत है। इसमें कुछ सामग्रियां मिलाकर इसका पोषण मूल्य बढ़ाया जा सकता है। बादाम या अखरोट का पाउडर स्वस्थ वसा और प्रोटीन प्रदान करता है। एक बूंद देसी घी या थोड़ा सा शहद भी लाभकारी है। छुआरे का पेस्ट भी ऊर्जा का एक अच्छा स्रोत है।
रात को सोने से पहले दूध देना फायदेमंद होता है। इससे शरीर को पोषक तत्वों को अवशोषित करने का समय मिलता है। यह विधि वजन बढ़ाने का एक प्राकृतिक तरीका है। इन चीजों से बच्चे को अतिरिक्त कैलोरी भी मिलती है।
बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए कौन से खाद्य पदार्थ हैं उपयुक्त
आहार मेंउच्च कैलोरी वाले पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। मूंगफली का मक्खन लगा सैंडविच या केला एक अच्छा विकल्प है। पनीर और दही प्रोटीन के समृद्ध स्रोत हैं। होल व्हीट पराठे पर घी लगाकर दिया जा सकता है।
खिचड़ी में देसी घी मिलाकर देना भी लाभदायक है। अंडे और फलों वाला दही का कटोरा भी पोषण से भरपूर है। सूजी का हलवा या मूंग दाल का चिला भी अच्छे विकल्प हैं। केले की स्मूदी या बनाना शेक भी दिन में दिया जा सकता है।
घर की दिनचर्या में क्या बदलाव करने चाहिए
शांत वातावरण मेंभोजन कराना महत्वपूर्ण है। टीवी या मोबाइल स्क्रीन के सामने भोजन न कराएं। कोशिश करें कि बच्चा हर तीन से चार घंटे में कुछ पौष्टिक खाए। छोटे-छोटे अंतराल पर दूध या फलों का रस दिया जा सकता है।
नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि भूख बढ़ाने में मदद करती है। खेलना या साइकिल चलाना अच्छे विकल्प हैं। ‘सीडीसी’ के दिशानिर्देश भी बच्चों के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि की सलाह देते हैं। पर्याप्त नींद भी वृद्धि के लिए आवश्यक है।
वजन बढ़ाने की प्रक्रिया में किन बातों का रखें ध्यान
वजन बढ़ानेकी जल्दबाजी न करें। यह एक धीमी और स्थिर प्रक्रिया है। बच्चे को स्वस्थ और खुश रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। कृत्रिम सप्लीमेंट या अनहेल्दी फूड से बचना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञ से नियमित परामर्श लेना उचित है।
बच्चे की वृद्धि दर और स्वास्थ्य की निगरानी जरूरी है। हर बच्चे का शरीर अलग तरह से विकसित होता है। तुलना करने से बचना चाहिए। सकारात्मक और धैर्यपूर्ण रवैया बनाए रखें। पोषण और देखभाल पर ध्यान दें।

