मालेगांव बम ब्लास्ट केस में कोर्ट ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। लेकिन आज केवल तीन आरोपी ही कोर्ट में हाजिर हुए। आरोपियों में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, समीर कुलकर्णी और अजय रहिरकर ही अदालत में आए थे। जबकि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, रिटायर्ड मेजर रमेश उपाध्याय और एक अन्य आरोपी अदालत में हाजिर नही हुए। साध्वी प्रज्ञा के वकील के अनुसार, आज के हालात में यात्रा करना एक बड़ा मसला है, सभी आरोपी आना चाहते थे लेकिन कम समय होने के कारण नही आ पाए।

अदालत को बचाव पक्ष के वकील ने भी यही करण बताया जिसको चलते अदालत ने सभी आरोपियों को 19 दिसम्बर को पेश होने का आदेश दिया है। आज एक गवाह की भी गवाही दर्ज की गई। गवाह संख्या 124 से 2008 में हुए माले बम ब्लास्ट के बारे सवाल जबाब किए गए। जबकि आरोपियों के वकीलों ने गवाह से कोई क्रॉस क्वेश्चन नही किया। गवाह ने कोर्ट से मांग की कि अगर क्रॉस क्वेश्चन के लिए अदालत में फिर आना है तो उसको अज्ञातवास पर भेजने की व्यवस्था की जाए। उधर सभी बचाव पक्ष के वकीलों ने 2000 रुपये नकद जमा कर अदालत को दिए। 4 दिसम्बर को गवाह को क्रॉस क्वेश्चन के लिए बुलाया जाएगा।

उधर, बॉम्बे हाईकोर्ट में पुरोहित की याचिका पर सुनवाई के दौरान एनआईए ने कोर्ट को बताया कि ट्रायल कोर्ट के सामने 149 गवाहों को पेश किया गया है और हर दिन ट्रायल शुरू हो गया है. पुरोहित ने मालेगांव 2008 मामले में उनपर मुकदमा चलाने के लिए सरकार की ओर से दी गई मंजूरी को चुनौती दी है और इसमें कुछ प्रक्रियात्मक खामियों का जिक्र किया है. 

पुरोहित का दावा है कि वे सिर्फ एक सैन्य खुफिया अधिकारी के रूप में अपना काम कर रहे थे और विस्फोट करने के लिए किसी भी तरह की साजिश में शामिल नहीं थे. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने फिर से ट्रायल कोर्ट को कार्यवाही आगे बढ़ाने को कहा क्योंकि ट्रायल पर कोई स्टे नहीं हुआ है. पुरोहित की याचिका पर हाईकोर्ट 14 दिसंबर को फिर से सुनवाई करेगा.

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