Thiruvananthapuram News: केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मंदिर से सोने की चोरी के मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ा शक जताया है। टीम को लगता है कि जितना सोना अब तक रिकवर हुआ है, उससे कहीं ज्यादा सोना गायब किया गया है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने इस मामले में सीबीआई (CBI) जांच से साफ इनकार कर दिया है।
सीबीआई जांच की मांग खारिज
मुख्यमंत्री विजयन का कहना है कि हाई कोर्ट की निगरानी में SIT बिल्कुल सही दिशा में काम कर रही है। इसलिए किसी दूसरी एजेंसी से जांच कराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, बीजेपी और माकपा जैसी पार्टियां लगातार इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं। सबरीमाला मंदिर में हुई इस चोरी ने राज्य की राजनीति को भी गरमा दिया है।
वैज्ञानिक जांच में मिली गड़बड़ी
SIT की जांच में सामने आया है कि सबरीमाला मंदिर के दरवाजों, खंभों और मूर्तियों पर चढ़े सोने में बड़ा खेल हुआ है। द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजों के फ्रेम में इस्तेमाल सोने की मात्रा रिकॉर्ड से कम पाई गई है। तांबे की प्लेटों पर चढ़े सोने की शुद्धता जांचने के लिए सैंपल विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) भेजे गए हैं। टीम को अभी उस रिपोर्ट का इंतजार है।
कैसे हुआ सोने का गबन?
जांच टीम ने कोल्लम कोर्ट में तीन आरोपियों की हिरासत के लिए अर्जी दी है। इनमें उन्निकृष्णन पोटी, स्मार्ट क्रिएशंस के सीईओ पंकज भंडारी और ज्वेलर गोवर्धन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, 2019 में पोटी को इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए 42 किलोग्राम से ज्यादा सोने से ढकी तांबे की प्लेटें दी गई थीं। आरोप है कि प्लेटिंग प्रक्रिया के बाद बचे हुए सोने को आरोपियों ने गायब कर दिया।
शक के घेरे में रिकवरी
एसआईटी को शक है कि सबरीमाला मंदिर से चोरी गए सोने की मात्रा बहुत ज्यादा है। 25 अक्टूबर 2025 को आरोपी भंडारी ने सिर्फ 109 ग्राम सोना पेश किया था। वहीं, गोवर्धन ने लगभग 475 ग्राम सोना लौटाया। जांच एजेंसी का मानना है कि यह मात्रा गायब हुए असली सोने के मुकाबले बहुत कम है। टीम अब बाकी सोने की तलाश में जुटी है।

