Moscow News: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बेहद डराने वाली खबर सामने आई है। पुतिन के पूर्व सलाहकार सर्गेई करागानोव ने तीसरे विश्व युद्ध की घंटी बजा दी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जर्मनी और ब्रिटेन अब रूस की ‘न्यूक्लियर रडार’ पर हैं। अगर रूस पर हार का खतरा मंडराया, तो वह परमाणु बटन दबाने में देर नहीं लगाएगा। इस बयान ने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है।
अस्तित्व पर संकट आया तो होगा परमाणु हमला
करागानोव ने एक इंटरव्यू में पश्चिमी देशों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर रूस को हार की तरफ धकेला गया, तो अंजाम बुरा होगा। अस्तित्व पर संकट आने पर मॉस्को पारंपरिक युद्ध छोड़कर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। पुतिन के पूर्व सलाहकार ने विशेष रूप से यूरोप की दो महाशक्तियों—जर्मनी और ब्रिटेन को निशाने पर लिया है।
ब्रिटेन और जर्मनी ही क्यों हैं विलेन?
रूस को सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं यूरोपीय देशों से लग रहा है। क्रेमलिन का मानना है कि ब्रिटेन और जर्मनी युद्ध की आग में घी डाल रहे हैं। मॉस्को ने इन्हें आधिकारिक तौर पर ‘अनफ्रेंडली नेशंस’ (दुश्मन देश) घोषित कर दिया है। ये देश यूक्रेन को घातक हथियार दे रहे हैं। साथ ही, ये रूस के खिलाफ खुफिया साजिशों और जासूसी में भी शामिल हैं।
तेल टैंकरों पर कब्जा और आर्थिक जंग
करागानोव ने ब्रिटेन को यूरोप में रूस विरोधी लहर का ‘किंगपिन’ (सरगना) बताया है। आरोप है कि ब्रिटेन और अमेरिका मिलकर रूसी तेल टैंकरों को रोक रहे हैं। वे जहाजों को जब्त करने की कोशिश कर रहे हैं। रूस इसे अपने खिलाफ सीधी आर्थिक जंग मानता है। यही वजह है कि मास्को अब आर-पार के मूड में नजर आ रहा है।
पश्चिमी नेताओं की ‘गलतफहमी’ पड़ेगी भारी
रूसी रणनीतिकार ने यूरोपीय नेताओं की समझ पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जर्मनी और ब्रिटेन मुगालते में जी रहे हैं। उन्हें लगता है कि यह युद्ध उनके घर तक नहीं पहुंचेगा। करागानोव ने कहा कि रूस ने अब तक बहुत संयम बरता है। लेकिन अगर दखलअंदाजी नहीं रुकी, तो परमाणु शक्ति का इस्तेमाल तय है। रूस की हार की कल्पना करना पश्चिम की सबसे बड़ी भूल साबित होगी।
