डॉलर के सामने पस्त हुआ रुपया! कच्चे तेल की आग और शेयर बाजार की गिरावट ने बढ़ाई टेंशन

India News: वैश्विक बाजारों में मची हलचल के बीच भारतीय रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 8 पैसे कमजोर होकर 90.99 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और घरेलू शेयर बाजार में आई भारी गिरावट ने भारतीय मुद्रा पर गहरा दबाव बनाया। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही पूंजी निकासी ने स्थिति को और गंभीर कर दिया है। रुपया शुक्रवार सुबह 90.91 पर खुला था, लेकिन दिन भर के कारोबार के दौरान यह 91.06 के निचले स्तर तक जा गिरा।

कच्चे तेल और विदेशी निवेशकों का दोहरा प्रहार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड वायदा 1.64 प्रतिशत की तेजी के साथ 71.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की इस महंगाई ने रुपये की कमर तोड़ दी है। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बाजार से जमकर पैसा निकाला। आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने 3,465.99 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसी बिकवाली के कारण रुपये की मांग कम हुई और डॉलर मजबूत होता गया।

शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के डूबे पैसे

भारतीय शेयर बाजार के लिए भी शुक्रवार का दिन बेहद खराब रहा। सेंसेक्स 961.42 अंक लुढ़क कर 81,287.19 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 317.90 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। मिराए एसेट शेयरखान के विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में रुपया 90.70 से 91.20 के दायरे में रह सकता है।

डॉलर सूचकांक और अंतरराष्ट्रीय स्थिति

एक तरफ रुपया गिर रहा है, तो दूसरी तरफ दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला ‘डॉलर इंडेक्स’ 0.05 प्रतिशत गिरकर 97.74 पर रहा। इसके बावजूद भारतीय बाजार में डॉलर की मांग अधिक बनी रही। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया है, जिसका सीधा असर घरेलू मुद्रा पर दिख रहा है।

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