West Bengal News: कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रही संस्था इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के दफ्तर और इसके निदेशक प्रतीक जैन के घर छापे मारे। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंच गईं और कथित तौर पर कुछ फाइलें व लैपटॉप अपने साथ ले गईं। इस पूरे मामले ने कानूनी और राजनीतिक टकराव को जन्म दे दिया है।
तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पार्टी की रणनीतिक जानकारी हासिल करने के लिए यह छापेमारी की गई। वहीं ईडी ने ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने और सबूत जब्त करने का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने हाई कोर्ट का रुख किया। इससे एक बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया।
हाईकोर्ट में अव्यवस्था, जज ने स्थगित की सुनवाई
शुक्रवार कोहाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान अप्रत्याशित हंगामा हुआ। जस्टिस शुभ्रा घोष की बेंच में दोपहर साढ़े दो बजे सुनवाई शुरू होनी थी। लेकिन कोर्टरूम में वकीलों और इंटर्न की भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ इतनी थी कि पैर रखने की जगह नहीं बची।
जस्टिस घोष ने मामले से जुड़े लोगों के अलावा सभी को बाहर जाने को कहा। उन्होंने पांच मिनट का समय दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि भीड़ कम नहीं हुई तो सुनवाई नहीं करेंगी। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी लोगों से बाहर जाने की अपील की। लेकिन वकीलों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
इस अव्यवस्था से नाराज जस्टिस घोष ने सुनवाई स्थगित कर दी। वह कोर्टरूम से चली गईं। इस घटना ने मामले को और उलझा दिया है। अब अगली सुनवाई का इंतजार है। यह दृश्य बताता है कि यह मामला कितना संवेदनशील बन गया है।
ईडी और टीएमसी के आरोप-प्रत्यारोप
प्रवर्तन निदेशालय नेहाईकोर्ट में याचिका दायर की है। ईडी का दावा है कि ममता बनर्जी छापेमारी के दौरान मौके पर पहुंचीं। वह पुलिस बल लेकर आईं और महत्वपूर्ण दस्तावेज व लैपटॉप जबरन ले गईं। ईडी ने इसे जांच में गंभीर बाधा बताया है।
तृणमूल कांग्रेस ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी का आरोप है कि चुनावी रणनीति चुराने के मकसद से यह छापेमारी की गई। ममता बनर्जी ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है। दोनों पक्ष एक दूसरे पर केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहे हैं।
वकील के फोन हैक होने का दावा
सुनवाई सेठीक पहले एक और विवाद सामने आया। केंद्र सरकार के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल और ईडी के वकील धीरज त्रिवेदी ने अदालत को बताया कि उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया। उन्होंने कहा कि दोपहर करीब डेढ़ बजे यह घटना हुई।
त्रिवेदी ने जस्टिस घोष को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय और केंद्र सरकार से इस संबंध में संपर्क में हैं। इस घटना ने पूरे मामले में नया मोड़ ला दिया है। अदालत ने इस पर भी गौर करने की बात कही है।
ममता बनर्जी का विरोध प्रदर्शन
मामलेने सड़कों पर भी हलचल पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में ईडी की कार्रवाई के खिलाफ विरोध मार्च का नेतृत्व किया। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय से इस मार्च की शुरुआत की। बड़ी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
दिल्ली में भी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। पार्टी के आठ सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के बाहर धरना दिया। बाद में पुलिस ने इन सभी सांसदों को हिरासत में ले लिया। इससे राजधानी में भी राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
यह पूरा मामला आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। राजनीतिक विश्लेषक इस घटना को चुनाव पूर्व रणनीतिक टकराव का हिस्सा मान रहे हैं।

