Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में आधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा का उद्घाटन किया है। इस नई तकनीक के आने से अब प्रदेश के मरीजों को जटिल ऑपरेशनों के लिए चंडीगढ़ या दिल्ली के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को इस सुविधा का शुभारंभ करते हुए इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया। इस मशीनरी पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं ताकि आम जनता को विश्व स्तरीय इलाज अपने ही राज्य में मिल सके।
जटिल सर्जरी अब होगी और भी आसान
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में स्थापित यह रोबोटिक सिस्टम डॉक्टरों को बेहद सटीकता के साथ ऑपरेशन करने में मदद करेगा। इस तकनीक से चीरा बहुत छोटा लगता है और मरीज के शरीर से खून भी कम निकलता है। डॉक्टरों का कहना है कि रोबोटिक सर्जरी के बाद मरीज बहुत जल्दी रिकवर होता है और उसे अस्पताल में कम दिन रुकना पड़ता है। कैंसर, यूरोलॉजी और गायनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन अब यहां आसानी से हो सकेंगे।
स्वास्थ्य सुविधाओं को डिजिटल बना रही सरकार
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक मशीनों से लैस कर रही है। नेरचौक के बाद टांडा और शिमला के आईजीएमसी में भी इसी तरह की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक बेहतर स्वास्थ्य लाभ ले सके। इसके लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को इन मशीनों का रखरखाव बेहतर ढंग से करने के निर्देश दिए हैं।
मंडी और आसपास के जिलों को होगा बड़ा फायदा
नेरचौक में इस सुविधा के शुरू होने से मंडी के साथ-साथ कुल्लू, लाहौल-स्पीति और बिलासपुर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। पहले इन क्षेत्रों के मरीजों को रोबोटिक सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब सरकारी मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा उपलब्ध होने से गरीब मरीजों की जेब पर बोझ कम होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अस्पताल में अन्य विकास कार्यों का जायजा भी लिया और मरीजों का हाल जाना।
डॉक्टरों की टीम को मिली विशेष ट्रेनिंग
इस आधुनिक रोबोटिक मशीन को चलाने के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को विशेष ट्रेनिंग दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव हाथों की तुलना में रोबोटिक आर्म्स ज्यादा लचीले होते हैं और उन हिस्सों तक पहुंच सकते हैं जहां सामान्य सर्जरी कठिन होती है। इस तकनीक के आने से मेडिकल कॉलेज की विश्वसनीयता और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने भविष्य में और भी आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

