National News: रॉबर्ट वाड्रा ने एक नया फेसबुक पोस्ट शेयर किया है। यह पोस्ट काफी चर्चा में है। इसमें वह तिरंगे की पृष्ठभूमि में माथे पर त्रिपुंड लगाए नजर आ रहे हैं। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर उनके इस नए अवतार पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
रॉबर्ट वाड्रा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति हैं। वह सोनिया गांधी के दामाद भी हैं। उनके इस पोस्ट को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल है। कई लोग इसे उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा से जोड़कर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि यह पोस्ट उनके राजनीति में आने के इरादे को दर्शाता है।
वाड्रा के पोस्ट में क्या है?
रॉबर्ट वाड्रा ने हिंदी और अंग्रेजी में पोस्ट लिखा है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। किसी देश की आंतरिक अव्यवस्था का खामियाजा भारतीयों को नहीं भुगतना चाहिए।
उन्होंने लिखा कि मानवाधिकारों को राजनीतिक अराजकता की बलि नहीं चढ़ाया जा सकता। अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। पोस्ट के साथ उन्होंने ॐ और तिरंगे का इमोजी भी लगाया है। धार्मिक और राष्ट्रवादी प्रतीकों का यह संयोजन चर्चा का केंद्र बन गया है।
राजनीति में आने की इच्छा
रॉबर्ट वाड्रा पहले भी राजनीति में रुचि जता चुके हैं। अप्रैल 2025 में उन्होंने साफ कहा था। उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस कॉल करेगी तो वह राजनीति में आएंगे। यह कदम वह परिवार की सहमति से उठाएंगे।
नवंबर 2024 में भी उन्होंने इसी तरह की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर लोग चाहेंगे तो वह राजनीति में आ सकते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले भी उनके नाम की चर्चा हुई थी। अमेठी या रायबरेली से चुनाव लड़ने की संभावना जताई गई थी।
रॉबर्ट वाड्रा ने खुद को लोगों की सेवा के लिए तैयार बताया था। उन्होंने जमीनी मुद्दों से जुड़ने में रुचि दिखाई थी। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक उन्हें कोई राजनीतिक पद नहीं दिया है। पार्टी ने उनके लिए चुनावी मैदान भी नहीं सुनिश्चित किया है।
कांग्रेस का रुख
कांग्रेस पार्टी वाड्रा की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर ज्यादा ध्यान नहीं देती दिखी है। पार्टी ने उनके लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। राजनीतिक विश्लेषक इस पोस्ट को एक सोची-समझी रणनीति मान रहे हैं। उनका मानना है कि वाड्रा खुद को एक नए रूप में पेश कर रहे हैं।
वह राष्ट्रीय हित और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर मजबूत रुख दिखा रहे हैं। बदलते राजनीतिक माहौल में यह पोस्ट महत्वपूर्ण है। यह सवाल खड़े करता है कि क्या यह केवल मानवीय संवेदना है। या फिर इसके पीछे भविष्य की राजनीतिक रणनीति छिपी हुई है।
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट की काफी प्रतिक्रिया आई है। कई लोगों ने उनके इस नए अवतार की तारीफ की है। वहीं कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक छवि निर्माण बताया है। फिलहाल यह पोस्ट राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इसके और राजनीतिक निहितार्थ सामने आ सकते हैं।

