हरियाणा रोडवेज की यूनियनें सरकार के नए फैसले का विरोध कर रही हैं, जिसमें रोडवेज के करीब 1000 सरप्लस चालकों को अन्य विभागों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं मना करने पर एक महीने का नोटिस देकर सेवाओं को समाप्त कर दिया जाएगा।

पहले सबसे जूनियर ड्राइवरों को दूसरे महकमों में भेजा जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्ष, मंडलायुक्त, बोर्ड निगमों के प्रबंध निदेशक, हाईकोर्ट और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार तथा सभी उपायुक्तों से विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों में भारी वाहन चालकों और हल्के वाहन चालकों के रिक्त पदों की जानकारी मांगी है, ताकि सरप्लस स्टाफ को वहां समायोजित किया जा सके।सभी को तुरंत प्रभाव से रिक्त पदों की जानकारी परिवहन निदेशक को भेजने को कहा गया है। सरकार ने यह फैसला सालाना 600 करोड़ रुपए से अधिक के घाटे से जूझ रहे परिवहन महकमे पर बोझ कम करने के लिए लिया है।

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