हिमाचल में विकास की बड़ी बड़ी डींगे जरूर हांकी जाती है लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद गंभीर है। आज भी हिमाचल के कई ऐसे गांव है। जहां सड़के, बिजली और पानी की आधारभूत सुविधाएं तक नही है। फिर चाहे वह गांव राजधानी कहलाने वाले शिमला जिले के हो या लाहौल स्पीति के पिछड़े क्षेत्र। ताजा मामला राजनीति का गढ़ माने जाने वाले कांगड़ा के इंदौरा विधानसभा क्षेत्र से निकल कर सामने आया है।

यह सड़क धरवाल से नसवाल सड़क है। इंदौरा की विधायिका द्वारा लोगों से वादा किया गया था की मार्च महीने से आपके इस रोड का काम शुरू कर दिया जाएगा। आज इस रोड़ का काम शुरू किया गया, पर इस सड़क का टेंडर जिस ठेकेदार को दिया गया है। उस ठेकेदार द्वारा इस सड़क पर बजरी कम मिट्टी ज्यादा डाली जा रही है। इस सड़क पर डाली गई बजरी की ऊंचाई जहां 6 इंच मोटी है वहीं मिट्टी की ऊंचाई 3 फुट तक है। लोगों का कहना है की इस सड़क को बनाने वाले ठेकेदार और सरकार की मिलीभगत से यह काम हो रहा है। जब इस सड़क को बनाने के लिए सरकार पैसा देती है तो इस सड़क को सही से क्यों नहीं बनाया जाता। यह सड़क लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारी की गैर मौजूदगी में बनाया जा रहा है। यह सारा काम लोगों की आंखों में धूल झोंक कर किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे ठेकेदारों को शर्म आनी चाहिए। इंदौरा की विधायिका को ऐसा घटिया काम कर रहे हैं ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

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