Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक भीषण सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा सोमवार शाम उखली के पास टियाले दा घट में हुआ जब एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में छह लोग सवार थे जो समेला में आयोजित एक शादी समारोह से वापस लौट रहे थे। घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज हमीरपुर ले जाया गया जहां दो लोगों ने दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान दुनी चंद और रघुवीर सिंह के रूप में हुई है। दोनों ही गांव अमनेड़ के निवासी थे। इस दुखद घटना ने पूरे परिवार को शोक में डाल दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।
शादी समारोह से लौट रहे थे परिजन
सभीयात्री अमनेड़ गांव के रहने वाले थे। वे दंगोटा में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। सोमवार शाम को जब वे वापस लौट रहे थे तो रास्ते में यह दुर्घटना घटित हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि गाड़ी अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे खाई में जा गिरी।
घायलों को अस्पताल ले जाया गया
दुर्घटनाके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज हमीरपुर ले जाया गया जहां उन्हें आपातकालीन उपचार दिया गया। दुर्भाग्यवश दुनी चंद और रघुवीर सिंह की मौत हो गई जबकि अन्य चार लोगों का इलाज चल रहा है।
परिवार पर गहरा सदमा
यह दुर्घटनापूरे परिवार के लिए गहरा सदमा लेकर आई है। शादी जैसे शुभ अवसर से लौटते समय हुई इस घटना ने खुशी को गम में बदल दिया। स्थानीय निवासी इस घटना से स्तब्ध हैं और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
हमीरपुर पुलिस नेमामले की तहकीकात शुरू कर दी है। अधिकारी दुर्घटना के कारणों का पता लगा रहे हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वाहन का अनियंत्रित होना हादसे का कारण बना। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पहाड़ी सड़कों पर सावधानी जरूरी
हिमाचल प्रदेश कीपहाड़ी सड़कों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतनी आवश्यक है। तेज मोड़ और संकरी सड़कें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। वाहन चालकों को गति सीमा का पालन करना चाहिए और यात्रा के दौरान पूरी सजगता बनाए रखनी चाहिए।
इस तरह की दुर्घटनाएं परिवारों को उजाड़ देती हैं। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। समय-समय पर सरकार द्वारा भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।

