Iran News: ईरान में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। यहां जारी विरोध प्रदर्शन अब तीसरे हफ्ते में पहुंच गए हैं। हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है और पूरे देश में डर का माहौल है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 538 लोगों की जान जा चुकी है। राष्ट्रपति ने इस हिंसा के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ बताया है। तनाव को देखते हुए पूरे देश में इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है।
538 लोगों की मौत से दहला ईरान
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संस्था ने डराने वाले आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 538 हो गई है। इसमें 490 आम प्रदर्शनकारी शामिल हैं। वहीं, सुरक्षा बलों के 48 जवान भी मारे गए हैं। पुलिस ने अब तक 10,670 लोगों को गिरफ्तार किया है। भारी गिरफ्तारी से पूरे ईरान में तनाव गहरा गया है। सरकार ने इंटरनेट और फोन लाइनें काट दी हैं। संचार सेवा बंद होने से हिंसा और नुकसान का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है।
राष्ट्रपति ने अमेरिका-इजरायल पर फोड़ा ठीकरा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को देश को संबोधित किया। उन्होंने टीवी पर कहा कि इस हिंसा के पीछे इजरायल और अमेरिका की साजिश है। उनका दावा है कि कुछ विदेशी लोगों ने राइफलों और मशीनगनों से हत्याएं की हैं। उपद्रवियों ने कई सरकारी इमारतों को भी आग लगा दी है। राष्ट्रपति ने जनता से अराजकता रोकने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि विदेश में ट्रेनिंग पाए लोग आम जनता पर गोलियां चला रहे हैं, इसलिए सबको संभलकर रहने की जरूरत है।
100 से ज्यादा शहरों में फैली आग
सरकार विरोधी यह प्रदर्शन ईरान के 100 से ज्यादा शहरों में फैल चुका है। डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रदर्शनकारियों की मदद करने की बात कही है। उधर, ईरान सरकार अब आर-पार के मूड में है। जनरल प्रॉसिक्यूटर मोहम्मद काजेम मोवाहेदी ने गिरफ्तार लोगों पर तुरंत केस चलाने का आदेश दिया है। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी सोशल मीडिया पर सख्ती के संकेत दिए हैं। उन्होंने अल्लाह से लोगों के दिलों में जीत का एहसास फैलाने की दुआ की है।
