कहां गए केंद्र से मिले 500 वेंटिलेंटर हिमाचल में केवल 244 ही क्रियाशील, यहां भी 185 पर ही मरीज जुड़े






कोरोना संक्रमण की पहली लहर आई थी तो केंद्र की ओर से 750 वेंटिलेंटर मिले थे। इनमें से 250 केंद्र को वापस कर दिए गए। बाकी 500 रह गए। इन्हें अस्पतालों में इंस्टाल किया गया है कि नहीं। इसकी कोई भी जानकारी स्वास्थ्य विभाग की ओर से नहीं बताई जा रही है। हिमाचल के विभिन्न अस्पतालों में कुल 244 वेंटिलेंटर हैं। इनमें से 185 पर मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, जबकि 59 खाली है। अगर हिमाचल में आईसीयू बिस्तरों की कमी होती है, तो सरकार क्या समय रहते इंतजाम कर पाएगी या नहीं। इसके अलावा सोमवार तक हिमाचल में 1655 कोरोना मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से कई ऑक्सीजन स्पोर्ट पर हैं। हिमाचल में अभी भी 29974 लोग घरों में आइसोलेट हैं। राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 4126 बिस्तरों की व्यवस्था 26 जगहों पर की गई है। इनमें से राज्य में आईसीयू बिस्तरों की क्षमता 244 है।

सोलन के कुमारहट्टी में 15 आईसीयू बेड, सिरमौर के नाहन मेडिकल कालेज में 20, कांगड़ा के टांडा मेडिकल कालेज में 60, शिमला आईजीएमसी में 38, मंडी नेरचौक अस्पताल में 50 बिस्तर हैं। इन अस्पतालों में आईसीयू बिस्तर फुल हैं। चंबा में 15 आईसीयू बिस्तर हैं, यहां 13 खाली हैं। चंबा डलहौजी में चार बिस्तर हैं और सभी खाली है। सोलन काठा में दो हैं और ये भी खाली हैं। बिलासपुर के घुमारवीं में चार आईसीयू बिस्तर हैं, ये भी खाली है। ऊना हरोली में दो हैं और ये भी खाली हैं। शिमला रोहड़ू में सात आईसीयू की क्षमता है और ये सभी खाली हैं। इसके अलावा हमीरपुर मेडिकल कालेज में छह बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। सभी खाली हैं। ऊना के पालकवाह में भी 21 आईसीयू बिस्तरों की व्यवस्था कोविड मरीजों के लिए की गई है। हिमाचल में कोविड मरीजों के लिए कुल 2063 बिस्तरों की व्यवस्था है। इनमें से 1655 पर मरीज हैं, जकि 408 खाली हैं। हिमाचल में ऑक्सीजन बिस्तरों की क्षमता 1819 है, इनमें से 1470 पर मरीज उपचाराधीन है, 349 ही खाली रह गए हैं, जबकि आईसीयू के 244 बिस्तर है। इनमें से 185 पर मरीज है। 59 ही खाली रह गए हैं।

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