संयुक्त राष्ट्र ने श्रीलंका में जहाज के डूबने पर जताई चिंता, कहा, पर्यावरण को हुआ भारी नुकसान

इंसान कुदरत के द्वारा बनाई गई पृथ्वी को क्षति पहुंचाएगा तो जाहिर सी बात है कि बदले में भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के तट पर जहाज डूबने पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र के एक प्रतिनिधि ने कहा कि समुद्र तट पर रसायन से लदे एक जहाज में आग लग जाने के बाद उसके डूबने से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में खतरनाक पदार्थों के घुलने से ”पृथ्वी को भारी क्षति” पहुंची है।

मालवाहक जहाज ‘एक्स-प्रेस पर्ल’ पर सिंगापुर का झंडा लगा था। एक महीने पहले ही जहाज में आग लग गयी थी, जो बृहस्पतिवार को डूब गया। इससे संभावित पर्यावरणीय आपदा को लेकर चिंताएं बढ़ गयी हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय प्रयास में सहयोग कर रहा है और क्षति के आकलन, मलबों को निकालने के काम और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के प्रयास में श्रीलंका की मदद कर रहा है।

श्रीलंका में संयुक्त राष्ट्र की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर हना सिंगर हम्दी ने कहा, ”समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में खतरनाक और हानिकारक सामग्री के घुलने से जो पर्यावरणीय आपात स्थिति पैदा हुई है उससे धरती को गंभीर क्षति हुई है। इससे तटीय क्षेत्र के लोगों के जीवन और आजीविका पर असर पड़ेगा।” यूरोपीय संघ (ईयू) द्वारा मुहैया कराई गई संयुक्त राष्ट्र की तेल एवं रसायन विशेषज्ञों की टीम को श्रीलंका भेजा गया है।

श्रीलंका ने आग बुझाने के प्रयास के दौरान खर्च को लेकर एक्स-प्रेस फीडर्स को चार करोड़ डॉलर का अंतरिम दावा पेश किया है। जहाज में 20 मई को आग लगी थी। श्रीलंका नौसेना का मानना है कि आग जहाज में मौजूद रसायन के चलते लगी थी जिसमें 25 टन नाइट्रिक एसिड और अन्य रसायन थे।

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