हिमाचल में 24 घंटों में आए महज 1209 मरीज और 48 की हुई मौत


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हिमाचल प्रदेश में 16 दिन बाद बुधवार को सबसे कम कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हुई है। नौ मई को प्रदेश में 40 लोगों की मौत हुई थी। जबकि आठ मई को मौत का आंकड़ा 37 था। इसके बाद प्रदेश में मौत का आंकड़ा 55 से ज्यादा जा रहा था। बुधवार को 48 लोगों की मौत हुई है। कोरोना के मामलों में भी कमी दर्ज की गई है। बीते 23 मई को कोरोना के 1203 मामले आए थे। इसके बाद बुधवार को कोरोना के नए 1209 मामले आए जबकि 2192 लोग ठीक हुए हैं। हालांकि, बुधवार को अवकाश के दिन सैपलिंग कम हुई। अन्य दिनों में 14 से 15 हजार तक सैंपल लिए जाते हैं।

बुधवार को कांगड़ा जिले में बुधवार को सबसे ज्यादा 14, कुल्लू में रिकॉर्ड छह, मंडी छह, शिमला पांच, सिरमौर चार, हमीरपुर चार, चंबा तीन, जबकि सोलन, ऊना और बिलासपुर में दो-दो संक्रमितों ने दम तोड़ा।

उधर, कांगड़ा जिले में 389, सोलन 152, मंडी 144, ऊना 176, चंबा 107, सिरमौर 74, बिलासपुर 71, हमीरपुर 55, कुल्लू 56, लाहौल-स्पीति 14 और किन्नौर में सात नए कोरोना मामले आए हैं। मंडी में फोरलेन निर्माण कार्य में लगे 26 मजदूरों और बिलासपुर में 16 बच्चों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। वहीं, प्रदेश में ब्लैक फंगस के अब तक छह मामले आए हैं। इनमें से तीन कांगड़ा, दो सोलन और हमीरपुर का है।

कहां कितने सक्रिय केस
इसके साथ ही प्रदेश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 184347 पहुंच गया है। इनमें से अब तक 159227 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। सक्रिय कोरोना मामले घटकर 22181 रह गए हैं। प्रदेश में अब तक 2917 संक्रमितों की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 1426, चंबा 1273, हमीरपुर 1612, कांगड़ा 6676, किन्नौर 490, कुल्लू 770, लाहौल-स्पीति 155, मंडी 2236, शिमला 2475, सिरमौर 1548, सोलन 2035 और ऊना जिले में 1485 पहुंच गई है। बीते 24 घंटों के दौरान 2192 संक्रमित ठीक हुए हैं। इस दौरान कोरोना की जांच के लिए 8779 लोगों के सैंपल लिए गए।

फोन पर मां से बात करने के दस मिनट बाद बेटे ने तोड़ा दम
कोरोना परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दे रहा है। बिलासपुर के दसलेहड़ा के गांव गोचर में एक मां से उनका बेटा हमेशा के लिए दूर हो गया। नेरचौक में संक्रमित बेटे ने दम तोड़ दिया। मरने से करीब दस मिनट पहले बेटे ने मां से बात की जिद की थी। अस्पताल प्रबंधन ने उसकी मां से बात करवाई। मां को बेटे की चिंता थी और वह रो रही थी। बेटा बोला था कि घबराएं नहीं दो-तीन दिन में कोरोना को मात देकर घर आ जाऊंगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। पांच मिनट बात हुई और उसके दस मिनट बाद बेटे ने दम तोड़ दिया। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक का बुधवार को पैतृक गांव में कोविड नियमों के तहत अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि हल्का बुखार होने पर टेस्ट तलाई में करवाया था, जहां से उसे घुमारवीं रेफर कर दिया था। घुमारवीं में तबीयत अधिक बिगड़ने पर उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया, जहां मंगलवार उसने दम तोड़ दिया।

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