कर्मचंद भाटिया पर दर्ज मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस महानिदेशक से मांगा जवाब

शिमला: हिमाचल प्रदेश में समाजिक कार्यकर्ता एवं हिमाचल समता सैनिक दल के प्रदेश महासचिव कर्मचंद भाटिया के द्वारा दिसम्बर 2020 और जनवरी 2021 में प्रदेश पुलिस जवानों के कल्याण और अनुबंध नीति खत्म करने को लेकर और अन्य मांगों बारे प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रदेश पुलिस महानिदेशक को 26 जनवरी तक मांगे पूरी करने को लेकर पत्र (ज्ञापन) प्रेषित किया था और इस मुहिम को अपनी फेसबुक प्रोफाइल व तहलका हिमाचल आपकी आवाज नीजि फेसबुक पेज पर भी उच्च स्तर पर उठा था ताकि मुख्यमंत्री, प्रदेश पुलिस महानिदेशक और सरकार प्रशासन का ध्यान इन जवानों की मांगों की तरफ जाए क्योंकि पुलिस जवान एक अनुशासित सिपाही है और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन नहीं कर सकते है।

समाजिक कार्यकर्ता कर्मचंद भाटिया ने इसी मनशा से इन मुद्दो को उठाया था, लेकिन प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा अपने पद व शक्तियों का दुरूपयोग करते हुए – सुनियोजित व प्रयोजित षडयंत्र व द्वेश की भावना से सीआईडी पुलिस थाना भराडी, शिमला में एफआईआर दर्ज कर दी, जिसका सारा विवरण संलग्न है। अपने साथ हुए अन्याय को लेकर भाटिया ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल हिमाचल प्रदेश, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को न्याय के लिए पत्र लिखा था जिसको लेकर आज राष्ट्र मानवाधिकार आयोग का कर्मचंद भाटिया को पत्र मिला है, जिसमें प्रदेश पुलिस महानिर्देशक को इस मामले में आठ सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है, और इससे पूर्व भी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के पत्र पर हिमाचल प्रदेश सचिवालय के आरपीजी डिपार्टमेंट को पत्र मिल चुका है।

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