जातिसूचक शब्द कहने वाली महिला पुलिस कांस्टेबल और उसके पति के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज

पिछले दिनों कांगड़ा के फतेहपुर के रेहन में कोरोना पॉजिटिव आई पुलिस कांस्टेबल सिमरन और उसके पति के द्वारा अनुसूचित जाति की हेल्थ वर्कर और आशा वर्कर के साथ जाति आधारित प्रताड़ना मामले में फतेहपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर एफआईआर कर ली है। जानकारी के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव आई पुलिस कांस्टेबल सिमरन ने आशा वर्कर के साथ बतमीजी की थी और उनको जातिसूचक शब्द कहे थे। जब आशा वर्कर ने यह बात हेल्थ वर्कर को बताई तो हेल्थ वर्कर को भी जाति आधार पर प्रताड़ित किया गया था। क्योंकि पुलिस कांस्टेबल और उसका पति दीपक कोरोना रिपोर्ट को सही मामने को तैयार नही थे।

जानकारी के मुताबिक महिला कांस्टेबल और उसके पति का कहना था कि पहले यह दोनों आशा वर्कर और हेल्थ वर्कर अपनी कम्युनिटी (जाति) के लोगों का कोरोना टेस्ट करवाए, फिर हमारे कोविड टेस्ट करवाए। उसके बाद हमें कोरोना पॉजिटिव बताए। यह मामला तब बढ़ा जब महिला कांस्टेबल के घर वार्ड सदस्य रीना शर्मा उनके द्वारा लगाया गया निर्माण कार्य रुकवाने आशा वर्कर के साथ गई। महिला पुलिस कांस्टेबल सिमरन और उसके पति ने वार्ड मेम्बर के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था।

पुलिस ने हेल्थ वर्कर की शिकायत पर महिला पुलिस कांस्टेबल सिमरन और उसके पति दीपक के खिलाफ एससी एसटी एक्ट, 188, 269, 270 और 34 आईपीसी में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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