खराब राशन वितरण के खिलाफ शिकायत लेकर एमडी, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के कार्यालय पहुंचे -विधायक राकेश सिंघा

ठियोग क्षेत्र में फंगस युक्त गेहूं के वितरण से खफा ठियोग-कुमारसेन के विधायक राकेश सिंघा राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की प्रबन्ध निदेशक श्रीमती मानसी सहाय से मिले। प्रबंध निदेशक से मिलकर सिंघा ने प्रबंध निदेशक को पूरे घटनाक्रम के बारे में अवगत करवाया। सिंघा ने कहा कि ठियोग क्षेत्र में कोविड काल में राहत के नाम पर मुफ्त बांटा जाने वाला गेंहू पशुओं तक के खाने के काबिल भी नहीं है जिसे गरीब लोगों को वितरित किया जा रहा है।


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राकेश सिंघा ने कहा के उनके इस संबंध में ठियोग के विभिन्न क्षेत्रों से कई मौखिक शिकायतें प्राप्त हुई थीं, लेकिन लिखित शिकायत नहीं होने के कारण वे इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर पाए। उन्होंने बताया कि 25 मई को उनके पास ग्राम पंचायत बासा ठियोग के निवासी श्री जगदीश शर्मा से एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत में कहा गया है कि 25 मई 2021 को ठियोग के जानोग घाट स्थित उचित मूल्य की दुकान से राशन कार्ड संख्या एचपी-201605-2087138 और राशन कार्ड संख्या एचपी-201604-2025323 पर उपभोक्ताओं को फंगस वाला गेहूं उपलब्ध कराया गया था।

सिंघा ने कहा कि यह उपभोक्ताओं के साथ भद्दा मज़ाक ही नहीं बल्कि उनके जीवन के साथ भी खिलवाड़ है। सिंघा इस बात पर हैरानी जताई कि फंगस वाला गेहूं बिना जांच के कैसे एफसीआई के गोदाम से उपभोक्ता तक पहुंच गया। उन्होंने इस लापरवाही की जांच की मांग की है। राकेश सिंघा ने कहा कि कोरोना काल में जहाँ एक ओर लोगों को पौष्टिक भोजन करने की सलाह दी जा रही है वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के ज़रिए सड़ा हुए अनाज का वितरण शर्मनाक है।

राकेश सिंघा ने सरकार को घेरते हुए कहा कि कोरोना कर्फ्यू में राज्य सरकार इन कठिन परिस्थितियों में विशेष रूप से उन वर्गों के लोगों को राहत प्रदान करने में विफल रही है जो दिन-प्रतिदिन के आधार पर अपनी आजीविका चलाते हैं।सिंघा ने मांग की है कि अगले छह महीने तक प्रति व्यक्ति 10 किलो मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में सर्वर न चलने को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से शिकायतें मिल रही हैं। जिससे राशन लेने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। इसे दुरुस्त किया जाए।
उन्होंने उम्मीद जताई है कि उचित मूल्य की दुकानों से अनुपयुक्त खाद्यान्न वितरण मामले में ज़िम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी ताकि ऐसी भूल की पुनरावृत्ति न हो।


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