प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन, भाजपा सरकार की नाकामियों पर पर्दा डालने का प्रयास- हिमाचल कांग्रेस

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रेम कौशल ने मीडिया को जारी एक बयान में प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को संबोधित करते हुए कही गई बातों को कोरोना महामारी से देशवासियों की रक्षा करने में हुई लापरवाही तथा विफलता को छुपाने की कवायद की संज्ञा दी है। उन्‍होंने कहा कि दूसरी लहर के दौरान हुई मौतों के लिए सरकार को देशवासियों से क्षमा याचना करनी चाहिए, क्योंकि यदि पहली कोरोना लहर के थमने के बाद दूसरी लहर को ध्यान में रखते हुए सरकार ने समय रहते तैयारी की होती तो हज़ारों ज़िंदगियों को बचाया जा सकता था।

प्रधानमंत्री और केंद्र ने कोरोना से लड़ने की तैयारी करने की बजाय राजनीतिक विरोधियों को कैसे खत्म किया जाए इसके ऊपर फ़ोकस किया और राजनीतिक प्रबंधन के चलते ज़िन्दगियों को बचाने का प्रबंधन करना भूल गए।

उन्होंने कहा कि गंगा की सफाई का वादा कर सत्ता में हासिल करने बालों के शासन में तैरती इंसानी लाशों के ऊपर दो शब्द कहने की ज़हमत करना भी प्रधानमंत्री ने गंवारा नहीं किया।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आरंभ से ही सभी देशवासियों को मुफ्त वैक्सीन देने की मांग कर रही थी तथा उच्चतम न्यायालय ने भी सरकार को इस मुद्दे के ऊपर कटघरे में खड़ा किया। वैक्सीनेशन कार्यक्रम में उजागर हुई खामियों की वजह से जनता में व्याप्त भारी रोष के कारण प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित कर अपनी और सरकार की छवि को बचाने का प्रयास किया।

उन्होंने केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा देश इससे पूर्व भी बहुत सी महामारियों का सफलतापूर्वक सामना कर चुका है और इतिहास साक्षी है कि जब भारत आर्थिक रूप से कमज़ोर था तब भी देशवासियों को वैक्सीन मुफ्त ही लगाई जाती रही है। यह सरकारों का दायित्व है ऐसा कर वर्तमान सरकार देशवासियों पर कोई अहसान नहीं कर रही। उन्होंने ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संकट की इस घड़ी में देशवासियों की आवाज़ बुलंद करने का कार्य कर रही है, ताकि व्यवस्था की कमज़ोरियों और लापरवाहियों को दरुस्त करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जा सके।


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