सोशल मीडिया पर जातिसूचक शब्द कहने पर एससी एसटी एक्ट में मामला दर्ज

हिमाचल में जाति आधारित हिंसा और प्रताड़ना के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते ही जा रहे है। पुलिस समय पर सख्त कानूनी कार्यवाही नही करती, जिसके चलते इस तरह की अमानवीय घटनाएं बढ़ती जा रही है। हिमाचल पुलिस सुप्रीम कोर्ट आदेशों और लोकसभा से पारित नए संशोशन द्वारा जोड़ी धारा 18ए को नजरअंदाज कर अपराधी की तत्काल गिरफ्तारी नही करती। हिमाचल पुलिस के कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के प्रति नकारात्मक रवैये के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद रहते है और वह इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते है।

कमु ठाकुर द्वारा किए गए जातिसूचक कमें

ताजा मामला कुल्लू से निकल कर सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर अनुसूचित जाति के लोगों के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है और स्थानीय लोगों ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवा दी है। लोगों का कहना है कि एक महिला ने फेसबुक पर महिलाओं के खिलाफ हो रही जातीय आधार पर प्रताड़ना को लेकर पोस्ट डाली थी। उस पोस्ट पर कामु ठाकुर नाम के व्यक्ति ने अनुसूचित जाति के लोगो और महिलाओं को प्रताड़ित करने के उद्देश्य से कमेंट किए। कमेंट्स इतने असभ्य तरीके से लिखे गए थे कि उनको मीडिया में लिखना संभव नही है।

इस मामले में सैंज थाना में एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस ने यह मामला एससी एसटी एक्ट की धारा तीन यू में दर्ज किया है। इस मामले में जब पुलिस अधीक्षक कुल्लू गौरव से बात की गई तो उनका कहना था कि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नही की गई है और मामले में जांच जारी है। उन्होंने कहा कि एससी एसटी एक्ट में गिरफ्तारी राजस्व विभाग से जाति प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही संभव है। जब उनसे पूछा गया कि आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश और लोकसभा द्वारा पारित धारा 18ए के बाबजूद क्यों गिरफ्तारी नही करते तो उन्होंने कहा कि हम कानून के अनुसार ही कार्यवाही कर रहे है और पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।

इस मामले में भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष राम लाल कुल्लवी का कहना है कि पुलिस इस मामले में अपराधी की तुरंत गिरफ्तारी करे ताकि भविष्य में कोई किसी को जाति के आधार पर प्रताड़ित करने का साहस ना कर पाए। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कुल्लू और हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्रदेश में बढ़ रहे जाति आधारित अत्याचारों पर सख्ती से पेश आए। हिमाचल में जिस गति से हालात बिगड़ रहे है वह किसी भी तरह से प्रदेश के हित में नही है। उधर शिकायतकर्ता विजय कुमार ने भी मांग की है कि कुल्लू पुलिस इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और लोकसभा द्वारा पारित कानून का सम्मान करते हुए अपराधी कमु ठाकुर को तत्काल जेल भेजे।


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