प्राइवेट स्कूलों की मनमानियों से परेशान लोगों से सरकारी स्कूल भेजे बच्चे, 10000 ज्यादा हुए दाखिले

कोरोना काल में निजी स्कूलों की ओर से मनमानी फीस वसूलने पर हुए विवाद का असर स्कूलों में दाखिले पर पड़ा है। प्रदेश में लोगों का निजी स्कूलों से मोह भंग हो रहा है। इस कारण सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़े हैं। कई विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़कर सरकारी में दाखिला लिया है। प्रदेश सरकार की ओर से निजी स्कूलों की तर्ज पर शुरू की प्री प्राइमरी और अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था ने भी अभिभावकों का रुख सरकारी स्कूलों की तरफ मोड़ा है।

प्रदेश में इस साल छठी से जमा दो कक्षा में 4,05,598 छात्र-छात्राओं ने दाखिला लिया है। शिक्षा विभाग का दावा है कि पिछले साल के मुकाबले 10 हजार अधिक दाखिले हुए हैं।

आठ से 10 साल में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही थी। इस साल दाखिले बढऩे से विभाग को काफी राहत मिली है।

मुफ्त शिक्षा, किताबें-वर्दी भी मिलती है निश्शुल्क

सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को किताबें और वर्दी मुफ्त उपलब्ध करवाई जाती है। विद्यार्थियों से आठवीं कक्षा तक कोई फीस भी नहीं ली जाती है। नौवीं में दाखिला लेने पर पांच रुपये दाखिला फीस ली जाती है। दसवीं कक्षा में दाखिला नहीं लिया जाता। पहली से आठवीं तक मिड-डे मील दिया जाता है। मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के साथ लैपटाप भी सरकार देती है। इसके अलावा कोरोना संकट के दौर में स्कूल खुले नहीं हैं और आनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है। लोगों का मानना है कि निजी स्कूलों में ज्यादा फीस देने से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना बेहतर विकल्प है।

किस जिला में कितने दाखिले

जिला,दाखिले

बिलासपुर,26094

चंबा,43818

हमीरपुर,27395

कांगड़ा,81642

किन्नौर,3491

कुल्लू,28774

लाहुल-स्पीति,894

मंडी,71186

शिमला,49905

सोलन,25759

सिरमौर,10531

ऊना,36109

पिछले साल की अपेक्षा 10 हजार से ज्यादा दाखिले हुए हैं। समीक्षा बैठक में जिलों से आई रिपोर्ट में अधिकारियों ने यह बताया है। अभी पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है, दाखिले अभी भी दिए जा रहे हैं।

-डा. अमरजीत शर्मा, निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग।

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