ना मास्क ना सोशल डिस्टेंसिंग, डीजीपी ऑफिस में उड़ी कोरोना गाइडलाइन्स की धज्जियां

कोरोना काल के दौरान मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियम और कायदे केवल आम जनता के लिए हैं. ऐसा हम नहीं, तस्वीरें कहती हैं. हिमाचल पुलिस आम जनता के मास्क ना पहनने पर चालान काटती है लेकिन बात जब खुद पर आती है तो चुपी साध लेती है. दरअसल, शिमला में अनुपम खेल ने डीजीपी संजय कुंडू समेत कई अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान कोई भी पुलिस अधिकारी और अनुपम खेर बिना मास्क के नजर आए.

जानकारी के अनुसार, बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर बुधवार शाम को अपनी मात जी के साथ शिमला आए हैं. गुरुवार को अनुपम खेर पुलिस मुख्यालय पहुंचे और यहां डीजीपी के अलावा, अन्य पुलिस अफसरों से मुलाकात और बातचीत की.डीजीपी संजय कुंडू ने उन्हें शॉल और पहाड़ी टोपी देकर सम्मानित किया.

इसकी तस्वीरें शाम को पुलिस ने जारी की तो सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे. लोगों ने सवाल उठाया कि क्या नियम कायदे काम आम लोगों के लिए ही हैं? सवाल उठने लगे तो शिमला पुलिस भी एक्टिव हुई और हिमाचल प्रदेश पुलिस के ऑफिशियल फेसबुक पेज पर पोस्ट पर किए कमेंट्स डिलीट कर दिए. किरकिरी होती देख हिमाचल पुलिस ने पोस्ट पर कमेंट करने की ऑप्शन को ही हटा दिया और अब इस पोस्ट पर कोई कमेंट नहीं कर सकता है. बता दें कि तस्वीर में नजर आ रहे 19 लोगों में डीजीपी संजय कुंडू, शिमला के एसपी मोहित चावला, शिमला की पूर्व एसपी सौम्या सांबशिवम, अनुपम खेर के अलावा, कई पुलिस अफसर हैं.

क्या बोले अनुपम खेर

इन सभी पुलिस अफसरों से बातचीत में अनुपम खेर ने बताया कि वह शिमला के नाभा एस्टेट में ज्वाइंट फैमिली में रहते थे. इस दौरान खेर ने ‘सपनों की अहमिय’, उम्मीद और महिला सशक्तीकरण पर भी बात की. वहीं, डीजीपी हिमाचल ने खेर की तारीफ की. साथ ही बताया कि पुलिस में भी महिलाओं की भागीदारी बड़ी है.उन्होंने अनुपम खेर को कॉफी टेबल बुक वीरांगना भेंट की. इस दौरान करीब दो घंटे तक अनुपम खेर यहीं रहे और कई मुद्दों पर पुलिस अफसरों से बात की.

कोरोना कर्फ्यू में कितने चालान किए

हिमाचल प्रदेश में हाल ही में लगाए गए कोरोना कर्फ्यू में मास्क न पहनने पर 10869 चालान किए. इनमें 64 लाख 87 हजार रुपये का जुर्माना किया गया. इस अवधि में बाजार में कोविड-10 के निर्देशों की उल्लंघना करने के आरोप में 1006 चालान किए गए. इनमें 11,74,150 रुपये का जुर्माना लगा, जबकि 42 एफआइआर दर्ज की गईं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियम कायदे आम जनता के लिए है, चालान केवल आम जनता के ही कटेंगे और पुलिस अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं?

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