हिमाचल में ज्यादातर छात्र और अभिभावक कॉलेज की परीक्षाएं करवाने के पक्ष में, जानिए सरकार की तैयारियां

कोरोना महामारी का खतरा कम होते ही प्रदेश सरकार कालेज विद्यार्थियों की परीक्षाएं आयोजित कर सकती है। प्रदेश के ज्यादातर विद्यार्थी, शिक्षक और प्रधानाचार्य परीक्षाएं करवाने के हक में है। मंगलवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में ज्यादातर लोगों ने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को प्रमोट करने, दूसरे और तीसरे वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षाएं करवाकर रिजल्ट तैयार करने का सुझाव दिया है।

शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में 700 विद्यार्थी, शिक्षक, अभिभावक और प्रधानाचार्य जुड़े। सभी ने कहा कि परीक्षाओं का आयोजन स्थिति सामान्य होने पर हो।

परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं भी कालेजों में भेजी जा चुकी हैं। ऐसे में तैयारी को ज्यादा समय की जरूरत नहीं है। कालेजों में प्रेक्टिकल भी हो चुके हैं।

बैठक में हालांकि कुछ लोगों ने परीक्षाएं रद करने का तर्क भी दिया। बैठक में कालेजों में दाखिलों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस पर सुझाव आया है कि प्रथम वर्ष में दाखिले प्रोविजनल आधार पर दिए जाएं, जबकि दूसरे व अंतिम वर्ष में रोल आन बेसिस के तहत दाखिला दिया जाएगा। इस पर बैठक में सहमति बनी है। जल्द ही विभाग इसके आदेश जारी कर देगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि कालेज परीक्षाओं को लेकर यूजीसी की गाइडलाइन का भी इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही सरकार कोई फैसला लेगी। शिक्षक संघ अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने कालेजों में प्रधानाचार्य व शिक्षकों के खाली पदों को भरने की सिफारिश भी शिक्षा मंत्री से की।


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