भूस्खलन से मनाली लेह सड़क बंद, बीआरओ ने 35 यात्रियों को बचाया

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के ग्रांफू-काजा हाईवे 505 स्थित डोरनी नाला में हुए भूस्खलन से फंसे लोगों को बीआरओ, पुलिस तथा स्थानीय लोगों ने रात साढ़े 12 बजे रेस्क्यू किया है। करीब साढ़े छह घंटे तक यह लोग ठंड में गाडिय़ों में फंसे रहे। वहीं करीब 14 वाहनों के साथ चार लोग अभी भी डोरनी नाला में फंसे हैं, जिन्होंने आने से मना कर दिया है।बीआरओ हाईवे को बहाल करने में जुटा है। जानकारी के अनुसार लाहौल के कोकसर के साथ जीरो प्वाइंट ग्रांफू से करीब आठ किलोमीटर आगे डारनी नाला में बुधवार देर शाम करीब छह काजा के लोग कोकसर की तरफ से आ रहे 14 वाहनों में सवार पांच बच्चों समेत करीब 35 से 40 यात्री सवार थे।

इसके बाद बीआरओ की मशीनरी मौके के लिए रवाना हुई और तीन जगह पर भूस्खलन को साफ करना था। इसके अलावा यात्रियों को जल्द से जल्द बचाने के लिए बीआरओ के टिप्पर, पांच जिप्सी और एक बोलेरो कैंपर सहित पुलिस कर्मियों और स्वयंसेवकों का एक दल भी घटनास्थल पर पहुंचा। बीआरओ, पुलिस और राजा घेपन रेस्क्यू टीम ने छह घंटे बाद रात साढ़े 12 बजे करीब 35 यात्रियों को रेस्क्यू किया। इसमें कुछ यात्री मनाली गए और कुछ को कोकसर में लोनिवि के रेस्ट हाउस और आसपास के होटलों में ठहराया गया।

पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति मानव वर्मा ने कहा कि डोरनी नाला में 11 एलएमवी वाहन, तीन बाइक और चार फंसे हुए हैं। बीआरओ हाईवे को खोलने में जुटा है। वहीं बारिश के कारण मनाली-लेह नेशनल हाईवे तीन बारालाचा के पास भूस्खलन से यातायात के लिए बंद हो गया है। दोनों तरफ से कई वाहन फंस गए है। बीआरओ ने हाईवे को बहाल करने का काम शुरू कर दिया है। वहीं बुधवार रात को रोहतांग दर्रा के साथ बारालाचा तथा कुंजुम दर्रा में बर्फबारी हुई है। एसपी ने कहा कि हाईवे तीन को खोलने का काम जारी है।

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