Black Fungus; ब्लैक फंगस क्यों रहा फेल, आईजीएमसी के डॉक्टर करेंगे रिसर्च

कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी के बाद अब हिमाचल में ब्लैक फंगस के मामले में भी स्थिरता नजर आ रही है. प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में अब तक 12 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमे चार मरीजों की मौत हुई है जबकि 8 सक्रिय मामले हैं, जिनका उपचार चल रहा है. ब्लैक फंगस उन लोगों में ज्यादा दिखाई दे रहा है जो पोस्ट कोविड हो चुके हैं या उन लोगों को हो रहा है जिन्हें स्टेरॉइड दिया गया है.

ब्लैक फंगस किस वजह से हो रहा है, इस विषय पर अब आईजीएमसी प्रशासन शोध कर पता लगाएगा कि किस वजह से ब्लैक फंगस लोगों को अपनी चपेट में ला रहा है. IGMC के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ जनक राज ने बताया कि ब्लैक फंगस एक पुरानी बीमारी है, इसलिए इस से घबराने की जरूरत नहीं है.

ब्लैक फंगस डाइबिटिक, स्टेरॉइड और गंदे मास्क पहनने वाले लोगों को हो रहा है.

IGMC में अब तक 12 मामले आए सामने 4 की हुई मौत

उन्होंने बताया कि यह क्यों हो रहा है, इस मामले पर अभी शोध किया जा रहा है, जिसके बाद ही कुछ कह सकते हैं. उन्होंने बताया कि IGMC में अब तक 12 मामले आए हैं जिनमें चार मरीजों की मौत हुई है. अभी तक सभी मरीजों की दो से तीन बार सर्जरी हुई है, जिसके चलते कई बार यह मरीज के लिए घातक हो जाती है. उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस का असर चेहरे पर ज्यादा दिखाई देता है और नाक, जबड़े और आँख पर ज्यादा प्रभाव दिखाई देता है. कई बार यह जानलेवा भी हो जाता है इसलिए लोगों को समय पर ही अस्पताल पहुंचकर इसका इलाज़ करना चाहिए.

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