छह साल में विजलेंस ने दर्ज की 237 एफआईआर और पकड़े 89 रिश्वतखोर

हिमाचल प्रदेश में विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार पर करारा वार किया है। इस संबंध में विजिलेंस ने शिमला से शनिवार को आंकड़े जारी किए हैं। उधर, आइपीएस अधिकारी सतिंद्र पाल सिंह ने एडीजी विजिलेंस का अतिरिक्त कार्यभार शनिवार को संभाल लिया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से अनुराग गर्ग ने उन्हें कार्यभार सौंपा और छह साल में विजिलेंस की उपलब्धियों की जानकारी दी। गर्ग ने बताया कि विजिलेंस ने छह वर्ष में 237 एफआइआर, 1627 मामलों की जांच और 89 रिश्वतखोर पकड़े।

इन छह वर्षों में 294 मामलों की जांच भी पूरी की है। विजिलेंस के पास जो 1627 मामलों की शिकायतें आई थीं, उनमें भी 1474 की जांच पूरा हो गई हैं।

भ्रष्ट अफसरों और भ्रष्टाचार करने वाले 89 रिश्वतखोरों भी रंगे हाथों पकडऩे में सफलता हासिल की है।

विजिलेंस के नए एडीजी सतिंद्र पाल सिंह का कहना है मेरी प्राथमिकता लंबित चल रहे केसों की छानबीन को पूरी करने की रहेगी। कहा कि विजिलेंस में आने वाली शिकायतों। पर भी प्राथमिकता के आधार पर जांच पड़ताल की जाएगी । विजिलेंस की कार्यप्रणाली को चुस्त दुरुस्त किया जाएगा। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा।

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