छठा वेतन आयोग लागू करने के लिए हिमाचल सरकार को चाहिए दस हजार करोड़

अभी पंजाब में छठा वेतन आयोग लागू होने में एक माह का समय है, लेकिन हिमाचल में वेतन विसंगति दूर करने के लिए कमेटी गठित करने की मांग उठने लगी है। जुलाई में पंजाब के पांच लाख से अधिक कर्मचारियों को नया वेतनमान मिलेगा। उसके बाद प्रदेश के 1.91 लाख कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान प्राप्त होना है। सरकार को संशोधित वेतनमान का कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए दस हजार करोड़ रुपये चाहिए। एरियर का भुगतान करने के लिए करीब आठ हजार करोड़ रुपये की दरकार रहेगी।

पंजाब में छठे वेतन आयोग की अधिसूचना जारी होने से प्रदेश के कर्मचारियों के तेवर तीखे हो गए हैं।

इसके पीछे कारण ये है कि वहां पर नए वेतन आयोग से कर्मचारियों को बहुत अधिक लाभ होता नहीं दिख रहा है। माना जा रहा है कि वेतन आयोग पर कोरोना महामारी का प्रभाव पड़ा है। जिसके कारण सरकार ने कई कटौतियां की हैं।

क्‍या कहते हैं कर्मचारी नेता

  • राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्‍यक्ष विनोद कुमार ने कहा छठे वेतन आयोग से प्रदेश के कर्मचारियों को आशानुरूप लाभ नहीं मिलेगा। कर्मचारियों की कई श्रेणियां पंजाब में नहीं हैं। प्रदेश में ऐसी कई श्रेणियां हैं जिनका सरकार को ध्यान रखना पड़ेगा, ताकि उनके साथ किसी प्रकार का वित्तीय लाभ देने में अन्याय न हो।
  • पूर्व महामंत्री राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ मेलाराम संगरोली ने कहा फिटमेंट टेबल आने के बाद वेतन और पेंशन की असली स्थिति का पता चलेगा। हर बार वेतन संबंधी विसंगतियां तो आती हैं। इसके लिए सरकार को वेतन विसंगति कमेटी का गठन करना चाहिए, ताकि यह कर्मचारियों के हितों का ध्यान रख सके।

पंजाब की अध‍िसूचना के बाद बनेगी रणनीति

अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने कहा अभी पंजाब में नया वेतन आयोग लागू होना है। उसकी अधिसूचना प्राप्त होने के बाद प्रदेश सरकार राज्य के कर्मचारियों के लिए नया वेतन आयोग देने बारे विचार-विमर्श शुरू करेगी। इसलिए अभी से कुछ भी आकलन लगाना उचित नहीं रहेगा।

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