हिमाचल में शिमला के रिपन हॉस्पिटल में बन रहा ब्लैक फंगस समर्पित आइसोलेशन वार्ड


राजधानी शिमला के कोरोना समर्पित अस्पताल रिपन में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए नया आइसोलेशन वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है। कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस के मरीजों को भी रिपन में इलाज दिया जाएगा। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने नोडल अफसर तैनात किए हैं। मौजूदा समय में रिपन अस्पताल में ब्लैक फंगस का कोई भी मरीज नहीं है, लेकिन आने वाले समय में अगर अस्पताल में ऐसा मामला पहुंचता है तो इससे निपटने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।

वहीं, ब्लैक फंगस की दवाएं और इंजेक्शन भी मंगवाए जा रहे हैं। अस्पताल के नए भवन में कोरोना मरीजों का इलाज चलने के कारण पुराने भवन में आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जा सकता है।

अस्पताल के एमएस डा. रविंद्र का कहना है कि ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए इलाज की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही अस्पताल में नया आइसोलेशन वार्ड तैयार किया जाएगा इसके लिए औपचारिकता पूरी की जा रही हैं। अस्पताल में करीब 110 मरीज गंभीर कोरोना संक्रमण के चलते दाखिल हैं।

इलाज के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रशासन प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आक्सीजन प्लांट लगने के बाद आक्सीजन की कमी को पूरा किया गया है। अब अस्पताल में आक्सीजन भरपूर मात्रा में उपलब्ध है और सभी बिस्तर पर आक्सीजन की सप्लाई के लिए सेंट्रल सिस्टम की सुविधा भी है।

डेपुटेशन पर आए पांच डाक्टर

अस्पताल में डाक्टरों की कमी पूरी करने के लिए जिलाभर से पांच डाक्टर डेपुटेशन पर आए हैं, जोकि कोविड वार्ड में ड्यूटी दे रहे हैं। अस्पताल में कई माह से डाक्टरों की कमी चल रही है, इस कारण प्रशासन ने सरकार को पत्र लिखकर 10 अतिरिक्त डाक्टर भेजने की मांग की थी।

error: Content is protected !!