हमास ने युद्ध विराम को ठुकराया, जमीन युद्ध की तैयारियां शुरू; गाजा सीमा पर जुटी इस्राइली सेना

फलस्तीनी आतंकियों द्वारा इस्राइल को अभूतपूर्व हालात में छोड़ देने की लड़ाई सबसे खराब नागरिक अशांति के दौर में पहुंच गई है। शुक्रवार तड़के इस्राइल की जमीनी सेना ने गाजा सीमा में घुस गई और गाजा पट्टी पर हमले बढ़ा दिए।

सेना को हवाई हमलों का साथ मिल रहा है जबकि गाजा से इस्राइल की तरफ लगातार रॉकेट छोड़े जा रहे हैं। मिस्र ने संघर्ष विराम के प्रयास किए लेकिन प्रगति नहीं हुई।

इस्राइली सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन कॉनरिकस ने गाजा में जमीनी हमलों की पुष्टि की लेकिन कहा कि अभी हमने गाजा पट्टी में प्रवेश नहीं किया है। देश में छिड़े गृहयुद्ध के बीच इस्राइल के दक्षिणी हिस्से में फलस्तीनी आतंकियों और हमास ने 1,600 से ज्यादा रॉकेट छोड़े हैं।

गाजा अधिकारियों ने बताया, इस्राइल ने हमास ठिकानों को चुन-चुनकर नष्ट करते हुए कई इमारतों, दफ्तरों व घरों को तबाह कर दिया। हवाई हमलों के अलावा इस्राइली सैनिकों की सीमा पर तैनात टैंकों से गोलाबारी की। इसमें 31 बच्चों व 19 महिलाओं समेत 119 फलस्तीनी मारे गए हैं जबकि 830 लोग घायल हैं।

इस बीच, इस्राइल ने हमास शासित क्षेत्र में जमीनी आक्रमण के लिए 9,000 सैनिकों को तैयार रहने और सीमा पर रहने वाले अपने लोगों को बंकरों में जाने को कहा है। यह बताता है कि युद्ध बढ़ रहा है। 

हमास ने संघर्ष विराम प्रस्ताव ठुकराया, भयानक हमलों की चीखें दूर तक गूंजीं
शुक्रवार को हमास के एक वरिष्ठ निर्वासित नेता सालेह अरुरी ने लंदन स्थित एक चैनल को बताया कि उनके समूह ने पूर्ण संघर्ष विराम और वार्ता के लिए तीन घंटे के विराम का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र संघर्ष विराम प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं। इजराइली सेना ने कहा कि गाजा में हवाई और जमीनी हमले इतने भयावह थे कि कई किलोमीटर दूर शहर में लोगों की चीखें सुनी गई। 

कई शहरों में गृहयुद्ध के हालात जारी
इस्राइल में चौथी रात भी कई शहरों में सांप्रदायिक हिंसा होने से गृहयुद्ध के हालात जारी रहे। यहूदी और अरब समूहों के बीच लॉड शहर में झड़पें हुई। पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के आदेश देने के बावजूद झड़पें हुईं। इस लड़ाई ने इस्राइल में दशकों बाद भयावह यहूदी-अरब हिंसा को जन्म दिया है। अल अक्सा मस्जिद कंपाउंड में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर ग्रेनेड फेंके।

इस्राइली सेना और हमास दोनों अड़े
शुक्रवार को इस्राइली रक्षामंत्री बैनी गेंट्ज द्वारा 9,000 सैनिकों को गाजा सीमा पर भेजने के आदेश देने के बाद सेना के मुख्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हिदाई जिल्बरमैन ने कहा, हमारी सेना संभावित जमीनी आक्रमण के लिए गाजा सीमा पर जुट रही है।

उन्होंने कहा कि टैंक, बख्तरबंद वाहनों और तोपों को तैयार किया जा रहा है। उधर, हमास ने भी पीछे हटने के संकेत नहीं दिए, उसने दिन भर रॉकेट दागे। हमास के सैन्य प्रवक्ता अबू उबेदा ने कहा, उनका गुट जमीनी आक्रमण से डरा नहीं है।

सऊदी अरब ने बुलाई ओआईसी की आपात बैठक
इस्राइल और फलस्तीनी हथियारबंद इस्लामी आतंकी गुट हमास के बीच जारी संघर्ष को लेकर इस्लामी देशों के संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) ने रविवार को आपात बैठक बुलाई है।

इस बैठक में ओआईसी सदस्य देशों के विदेश मंत्री शामिल होंगे। इससे पहले ओआईसी ने कहा था कि हम रमजान माह में फलस्तीनियों पर इस्राइली हमले और कब्जे की कड़ी निंदा करते हैं।

अमेरिका ने बाधित की सुरक्षा परिषद की सार्वजनिक बैठक
अमेरिका ने इस्राइल-फलस्तीन संघर्ष को लेकर होने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक सार्वजनिक वर्चुअल बैठक को बाधित कर दिया। चीन, ट्यूनीशिया और नार्वे ने शुक्रवार को खुली बैठक का अनुरोध किया था लेकिन अमेरिका ने कहा कि इस तरह की बैठक शांति के प्रयासों को समर्थन नहीं देंगे। अमेरिका ने इसके बजाय मंगलवार को खुली बहस के लिए कहा है। इस दौरान अमेरिका ने ताजा हालात पर गहरी चिंता जताई।

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