पोंग डैम झील के किनारे बैठे अन्य राज्यों के गुज्जरों की स्थानीय लोगों से मारपीट, जाने पूरा मामला

पौंग झील के किनारे मवेशियों के साथ डेरा जमा कर बैठे गुज्जरों और स्‍थानीय लोगों के बीीच झड़प हो गई। रविवार देर शाम दोनों पक्षों के बीच खूब मारपीट हुई। इस झड़प में गुज्‍जर व स्‍थानीय लोग भी घायल हुए हैं। स्‍थानीय लोगों का कहना है गुज्‍जर अन्‍य राज्‍यों से यहां पहुंच गए हैं, ऐसे में उन्‍हें कोरोना संक्रमण फैलने का भय सता रहा है। स्थानीय लोग जब इस बारे में पूछते हैं तो ये गुज्जर मारपीट पर उतर आते हैं। रविवार देर शाम भी दोनों पक्षों में मारपीट हुई। मामला नगरोटा सूरियां पुलिस चौकी में पहुंच गया है। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर इस मामले की जांच में जुट गई है।

चौकी प्रभारी सुरेंद्र कुमार राणा ने कहा पुलिस वन्य प्राणी विंग की टीम के साथ पूरी जांच कर रही है कि हिमाचल के कितने गुज्‍जर हैं तथा दूसरे राज्यों से कहां-कहां से गुज्जर आए हैं। अन्य राज्यों से बिना अनुमति जितने भी गुज्जर आए हैं, उन्हें यहां नहीं ठहरने दिया जाएगा।

लोगों का कहना है अन्‍य राज्यों से भारी संख्या में गुज्जर अपनी हज़ारों की तादाद में भैंसे लेकर पौंग झील के खाली क्षेत्र में डेरा जमा कर बैठ गए हैं और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। कानून को हाथ में लेने की इजाजत किसी को भी नहीं है। आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

जवाली उपमंडल में पहले ही लोग कोरोना महामारी से होने वाली मौतों से भयभीत हैं। उस पर अन्य राज्यों से गुज्जरों का आना लोगों को परेशानी में डाल रहा है। इन गुज्जरों के पास न तो कोई आने का अनुमति पत्र है और न ही कोई कोरोना रिपोर्ट।

भाजपा संगठनात्मक जिला नूरपुर के अल्‍पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भाग हुसैन ने भी माना कि अन्य राज्यों के गुज्जरों के आने से लोग तो परेशान हैं, स्थानीय गुज्जर भी परेशान हैं। उन्होंने मांग की है कि अन्य राज्यों से आए गुज्जरों को पौंग झील क्षेत्र से हटाया जाए।


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