बिलासपुर समाचार; लाखों का अनुदान फिर भी सड़कों पर घूम रहे बेजुबान

जिले की गोशालाओं के लिए सरकार लाखों रुपये का अनुदान दे रही है लेकिन फिर भी बेजुबान सड़कों पर घूम रहे हैं। जिले में कार्यरत 15 गोशालाओं में से 13 ऐसी ऐसी हैं, जिन्हें पिछले आठ महीनों में करीब 36 लाख रुपये का अनुदान सरकार की तरफ से मिल चुका है। यही नहीं इसके अलावा जिले की कई गोशालाओं को लाखों रुपये गोशालाओं के निर्माण, रखरखाव के लिए भी मिले हैं। बावजूद इसके आज भी सड़कों पर बेजुबान बेसहारा घूम रहे हैं। जिले में आए दिन लावारिस पशु लोगों पर हमले कर रहे हैं। करीब सात लोगों की जान भी लावारिस पशुओं के हमलों के कारण जा चुकी है। सड़कों पर रोजाना कई हादसे भी इन पशुओं के कारण हो रहे हैं।

नेशनल हाईवे पर बिलासपुर से लेकर डंगार तक दर्जनों लावारिस पशु बेखौफ घूम रहे हैं। वहीं दोपहिया वाहन चालकों को इनसे बचाव करना पड़ता है लेकिन इन बेसहारा पशुओं को गोशालाओं में नहीं रखा जा रहा है। जिन गोशालाओं में 30 से अधिक पशु मौजूद हैं, उन को प्रत्येक पशु के तौर पर पांच सौ रुपये सरकार की तरफ से अगस्त 2020 से लेकर मार्च 2021 तक करीब 36 लाख रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। वहीं अन्य आर्थिक सहायता भी सरकार की तरफ से मिल चुकी है। लोगों का कहना है कि कुछेक गोशालाओं में सिर्फ दुधारू पशुओं को ज्यादातर रखा जा रहा है। दूध बेचकर आमदन के तौर पर कार्य किया जा रहा है। सड़क पर घूम रहे पशुओं को रखने के लिए गोशाला संचालक कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।

सरकार बनाए सख्त नीति
पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक विनोद कुमार कुंदी ने बताया कि पशुओं को छोड़ने वालों पर जब तक सरकार की तरफ से कोई सख्त नीति बनाई जाएगी, तब तक सुधार नहीं होगा। मदन, सोहन, महेंद्र, संजीव, सतीश आदि ने कहा कि गांव के लोग सड़कों पर बैलों को छोड़ रहे हैं। सरकार से अनुदान ले रही गोशालाओं को इन पशुओं को आश्रय देना चाहिए।


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