हिमाचल में चुनाव आयोग की कुर्सी के लिए लड़ाई शुरू, मुख्यमंत्री से मिले 20 से ज्यादा आईपीएस अफसर

राज्य चुनाव आयोग की खाली हुई कुर्सी पर बैठने के लिए जुगाड़ शुरू हो गया है। इस संबंध में पिछले तीन दिन में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से करीब 20 आइएएस अफसर मिल चुके हैं। ये चाहते हैं कि उन्हें आयोग में आयुक्त नियुक्त किया जाए, ताकि पांच साल तक का कार्यकाल सुरक्षित हो सके। हाल ही में आयुक्त पद पर पी मित्रा ने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। उसके बाद से आयोग की कुर्सी पर बैठने के लिए आला अधिकारियों में होड़ है। प्रदेश सरकार को एक-दो दिन में इस पद पर नियुक्ति करनी होगी। क्योंकि जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति के केलंग क्षेत्र में 28 पंचायत व पंचायत समिति सदस्य का चुनाव होना है।


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इसी तरह से चंबा जिला के पांगी की 19 पंचायत और पंचायत समिति सदस्य का चुनाव होना है। इन दोनों जिलों के उपायुक्तों ने कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए चुनाव करवाने में असमर्थता जाहिर की थी। अब हालात सुधरने के कारण एक माह में चुनाव की अधिसूचना जारी करनी होगी। जिसके लिए राज्य चुनाव आयोग आयुक्त की नियुक्ति करनी पड़ेगी।

तीन महीने तक नहीं था आयुक्त

2004 में राजेंद्र भट्टाचार्य की बतौर राज्य चुनाव आयोग नियुक्ति होने से पहले तीन माह तक आयुक्त पद खाली रहा था। इसी तरह से 1999 में केसी शर्मा की नियुक्ति के समय 45 दिन तक पद खाली रहा। यह आवश्यक नहीं है कि सरकार आयुक्त पद को तत्काल भरे।


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