नेर चौक हॉस्पिटल में कोरोना मरीज भर्ती करने पर रोक, ऑक्सीजन की मांग बढ़ने पर लिया फैसला

कोविड मरीजों की ऑक्सीजन की मांग के आगे नेरचौक मेडिकल कॉलेज में स्थापित सिस्टम छोटा पड़ गया है। संभावित खतरे को भांप अस्पताल प्रबंधन ने यहां कोरोना के नए मरीज भर्ती करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को इस बात से अवगत करवा दिया गया है। वहीं मंडी, बिलासपुर, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, लाहुल स्पीति और कांगड़ा के उपायुक्त व सीएमओ को मरीजों को दूसरी जगह भेजने के निर्देश दिए गए हैं। नेरचौक कॉलेज में करीब 200 कोरोना संक्रमित उपचाराधीन हैं। इनमें ज्यादातार मरीज गंभीर है। ऐसे में उनके लिए ऑक्सीजन की मांग लगातार बढ़ रही है। 50 से अधिक मरीज हाई फ्लो ऑक्सीजन पर हैं। उन्हें 30 से 60 लीटर प्रति मिनट की दर से ऑक्सीजन दी जा रही है।

कॉलेज में वर्तमान में ऑक्सीजन की क्षमता 2000 एलपीएम है। 1500 एलपीएम क्षमता का मैनिफोल्ड ऑक्सीजन सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। वर्तमान में 2000 क्षमता में 1500 एलपीएम क्षमता का मैनिफोल्ड ऑक्सीजन सिस्टम और 500 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट है। अस्पताल का केंद्रीयकृत ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम सामान्य परिस्थितियों में 160 मरीजों के लिए बना हुआ है, जो कोरोना मरीजों की ऑक्सीजन मांग के आगे बौना साबित होने लगा है।

प्राचार्य नेरचौक मेडिकल कॉलेज डा. आरसी ठाकुर का कहना है कोरोना मरीजों में ऑक्सीजन की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके आगे आक्सीजन का सिस्टम छोटा पड़ रहा है। यहां भर्ती मरीजों को आक्सीजन की कमी न हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए नए मरीजों की भर्ती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य सचिव को इस बात से अवगत करवा दिया गया है।

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