शिमला के बाद अब कांगड़ा में फाड़ा कांग्रेस का होर्डिंग

शिमला के बाद अब कांगड़ा में भी कांग्रेस में फूट पड़ गई है। कोरोना महामारी को लेकर कांग्रेस की ओर से शुरू किए गए ‘सांसें हैं तो संसार है का नारा’ गुटबाजी की तरफ बढ़ता जा रहा है। कांगड़ा बाईपास पर दो दिन पहले कांग्रेस कोरोना रिलीफ कमेटी की ओर से लगाया गया होर्डिंग फाड़ दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह होर्डिंग पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की फोटो प्रकाशित न होने को लेकर फाड़ा गया है।

हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि होर्डिंग फाड़ा किसने है। शिमला में पार्टी दो कार्यकर्ताओं को निलंबित कर चुकी है। कांगड़ा में घटी घटना के बाद सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि यह कांग्रेस की सियासत में अंदरखाते वर्चस्व की जंग है। हाईकमान ने पूर्व मंत्री जीएस बाली को कोरोना रिलीफ कमेटी का अध्यक्ष बनाया है। बाली ने रिलीफ कमेटी का अध्यक्ष बनने के बाद सरकार पर ताबड़तोड़ हमले कर कई मुद्दों पर सरकार को लपेटे में लिया।

कभी उनके द्वारा कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को बालिग होने तक उन्हें आर्थिक सहायता देने, तो कभी बेसहारा हो चुके 70 साल के ऊपर के बुजुर्गों को आर्थिक राहत देने के एलान ने भाजपा का ध्यान कांग्रेस की ओर खींचने को मजबूर कर दिया था। ऐसे में अचानक राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर बाली ने पीसीसी अध्यक्ष को साथ लेकर कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला के माध्यम से सांसें हैं तो संसार है नाम का अभियान शुरू करवाकर हर पंचायत में पचास मेडिकल किट लांच करवा दीं।

इसी अभियान की शुरुआत को लेकर कांगड़ा शहर के बाईपास में बड़ा होर्डिंग लगाया गया था। होर्डिंग में हिमाचल के छह बार के सीएम रहे वीरभद्र सिंह का फोटो नहीं था। होर्डिंग लगाने के दो दिन बाद ही अज्ञात लोगों ने यह होर्डिंग फाड़ दिया है।

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