सीटू कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त हमीरपुर को दिया ज्ञापन, कहा, मांगे ना मानी तो होगा आंदोलन

सीटू जिला हमीरपुर के प्रतिनिधिमंडल ने वीरवार को मांगों के समर्थन में उपायुक्त देबा श्वेता बानिक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि अगर जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया तो मजदूरों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

सीटू जिला सचिव कामरेड जोगिदर कुमार, सुरेश कुमार और ब्रह्म दास ने कहा कि कोरोना काल में देश की कुल श्रमशक्ति का 25 फीसद भाग रोजगार से वंचित हुआ है। इससे बेरोजगार बढ़ी है और जनता के 97 फीसद हिस्से का वास्तविक वेतन कम हुआ है। इस समय में मजदूरों को केंद्र सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है। इसके विपरीत मजदूरों के लिए पिछले सौ वर्षों में बने श्रम कानूनों को खत्म दिया गया है।

किसानों के खिलाफ बनाए तीन कृषि कानून व बिजली विधेयक 2020 से किसानों व आम जनता की सामाजिक सुरक्षा नष्ट हो जाएगी। देश के कई प्रदेशों में काम के घंटों को आठ से बढ़ाकर 12 कर दिया है। इससे जहां एक और मजदूरों की छंटनी होगी, वहीं मजदूरों की स्थिति बंधुआ मजदूरों जैसी हो जाएगी। उन्होंने मांग की है कि कोरोना महामारी में स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को कोरोना योद्धाओं की सुविधाएं दी जाएं।

सबको छह महीने के भीतर मुफ्त वैक्सीन सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में आक्सीजन बिस्तरों, दवाओं सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। सभी आय कर मुक्त परिवारों को 7500 रुपये की आर्थिक मदद की जाए। हर व्यक्ति को महामारी के दौर में 10 किलो राशन उपलब्ध करवाया जाए व जनविरोधी और कारपोरेट समर्थक भेदभाव पूर्ण नीति पर रोक लगाई जाए। मजदूर विरोधी चार लेबर कोडों पर रोक लगाई जाए। मजदूरों की छंटनी व आवासों से निष्कासन रोका जाए और मजदूरों के वेतन में कटौती बंद की जाए।


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