21वीं सदी में पिछड़ गया हिमाचल का ये गांव, जहां मोबाइल पर बात करने के लिए करना पड़ता है 6-7 किलोमीटर सफर


देश में लगातार बढ़ती हुई टेक्नोलॉजी के बीच हिमाचल प्रदेश का एक क्षेत्र ऐसा भी है जो इस राह में पीछे छूट गया है। प्रदेश का ये क्षेत्र आज 21वीं सदी के डिजीटल इंडिया से कोसों दूर है। आश्चर्य की बात है जहां देश को डिजीटल इंडिया बनाने को लेकर भरसक प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले का चरडा गांव हैं जहां आज तक किसी भी कंपनी का नेटवर्क सही तरीके से उपलब्ध नहीं हो पाया है। एक मात्र बी एस एन एल का टावर है जो पिछले एक माह से बंद पड़ा है।

ऐसे में आपात स्थिति या फिर किसी रिश्तेदार-परिचित से मोबाइल से बात करनी है तो बाशिंदों को गांव को 6-7 किलो मीटर दूर जाना पड़ता है। गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। आज के दौर में गांवों में नेटवर्क नहीं होने से वे काफी पिछड़ गए हैं। नेटवर्क के अभाव में स्वास्थ्य विभाग एवं स्कूलों के छात्रों को ओलाईन कार्य करना भी मुश्किल हो रहा है स्कूली बच्चो को काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र में नेता भी आए और वादें भी किए। इसके बावजूद मोबाइल नेटवर्क के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की गई। वहीं, मोबाइल का नेटवर्क का नहीं होना लोगों के सामने परेशानी खड़ी कर रहा है। किसी प्रकार की वारदात या दुर्घटना होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करना तो नामुमकिन है।

गांववासियों का कहना है कि लोगों ने अलग अलग तरीकों से व्यवस्था सुधारने के तरीके अपनाए लेकिन प्रदेश सरकार ने कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया। नेता चुनावी जुमला करते हैं और वोट लेते हैं। वादे करने के बावजूद मोबाइल नेटवर्क के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की जा रही है। चरडा क्षेत्र में अमूमन तो नेटवर्क पकड़ता ही नहीं है। नेटवर्क नहीं मिलने से अधिकतर लोगों का मोबाइल रखना भी व्यर्थ साबित हो रहा है। लोगों को आसपास की पहाडिय़ों पर चढ़कर तथा अलग-अलग जगह खड़े रहकर नेटवर्क सर्च करते देखा जा सकता है। मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने से कई बार किसी के घर में कोई खुशी या गम का मौका होने अथवा आपातकाल में किसी को कोई सूचना देना भी मुश्किल हो रहा है।

मामला संज्ञान में हैं कुछ समय पहले बी एस एन एल टावर के किसी महत्वपूर्ण पार्ट में तकनीकी खराबी आने के कारण लोगो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है पार्ट को लाने के लिए बंगलोर में संपर्क किया गया है लेकिन लॉकडाउन की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जिओ के टावर की स्वीकृति मिल चुकी है, जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

डॉ. हँसराज
विधान सभा उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश

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