प्राइवेट हॉस्पिटल की अव्यवस्था पर पूर्व सांसद ने पूछा सवाल तो बीएमओ ने कर दी पूर्व सांसद की शिकायत

हिमाचल में सरकार ने कई निजी हॉस्पिटल कोविड सेंटर बनाने के लिए ले रखे है। उन हॉस्पिटलों में अव्यवस्था का आलम छाया हुआ है और पूछने वाला कोई नही है। ऐसा ही एक मामला कांगड़ा के फतेहपुर से निकल कर सामने आया है। जानकारी के मुताबिक यहां के पूर्व सांसद कृपाल परमार ऐसे ही एक प्राइवेट हॉस्पिटल का औचिक निरीक्षण करने गए तो वहां कोविड और साधारण मरीज एक ही रास्ते से हॉस्पिटल में दाखिल हो रहे थे। इतना ही नही प्राइवेट हॉस्पिटल में काम कर रहा स्टाफ भी एक साथ कोविड और नॉन कोविड मरीजों को देख रहा था। प्राइवेट हॉस्पिटल की लापरवाही से साफ दिख रहा था कि अगर कोरोना फैला तो एक दम से कोरोना विस्फोट की स्थिति सामने आ जाएगी।

वायरल ऑडियो

इस मामले में जब पूर्व सांसद कृपाल परमार ने बीएमओ को कॉल करके पूछा तो वह एक दम से साफ झूठ बोलते नजर आए। कॉल रिकॉर्डिंग के अनुसार जब कृपाल परमार ने पूछा कि हॉस्पिटल में एंट्री कहाँ कहाँ है। तो बीएम जबाब देते है कि कोविड और साधारण मरीजों के लिए अलग अलग एंट्री रखी है। उसके बाद पूर्व सांसद ने जब सही स्थिति बताई तो बीएमओ सारा दोष स्थानीय लोगों पर मढ़ते हुए अपना और प्राइवेट हॉस्पिटल का बचाव करते नजर आए। जब स्टाफ के बारे सवाल पूछा तो भी बीएमओ का जबाब संतोषजनक नही था। जिसके चलते कृपाल परमार उखड़ गए। लेकिन उनका गुस्सा जायज है, क्योंकि उनको अपने और इलाके के लोगों की चिंता है। उन्होंने तत्काल बीएमओ को अलग अलग स्टाफ की लिस्ट देने का आदेश दिया।

जानकारी के मुताबिक़ इस मामले में बीएमओ ने उपायुक्त कांगड़ा को शिकायत की है। इस मामले में जब हमें हॉस्पिटल के एमडी को मैसेज किया तो उन्होंने कोई जबाब नही दिया। उधर बीजेपी नेता एवं पूर्व सांसद कृपाल परमार ने कहा कि उक्त अस्पताल में अव्यवस्था का आलम है। सामान्य व कोविड दोनों तरह के मरीजों के लिए एक ही स्टाफ है। गत दिनों फतेहपुर के एक व्यक्ति का इस अस्पताल में ऑपरेशन हुआ, जब वापस आया तो कोरोना पॉजिटिव पाया गया। यहां अव्यवस्था रही है। लोग उनके पास आ रहे हैं। लोगों के कहे अनुसार ही इसी अव्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर बीएमओ से इस तरह से बात की गई है।

error: Content is protected !!