लाहौल स्पीति में आटे और दालों के वितरण पर रोक, यह है वजह

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सरकारी डिपुओं में आटे और दालों के वितरण पर रोक लगा दी गई है। विभाग ने आटे के साथ तीनों दालों के सैंपल मंगवाए हैं। इसकी रिपोर्ट आने तक इन खाद्यान्नों का वितरण नहीं किया जाएगा। इसी हफ्ते सरकारी डिपुओं में एक्सपायरी आटे और दालों के वितरण का मामला अमर उजाला में प्रमुखता से उठाया गया था। इसी पर संज्ञान लेते हुए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने यह कदम उठाया है। निगम की कार्यकारी निदेशक डॉ. तनुजा जोशी ने कहा कि जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में खाद्यान्नों की आपूर्ति सरकार के निर्देशानुसार जनजातीय कार्य योजना के तहत की जाती है।

घाटी में पूरे वर्ष के लिए अग्रिम रूप से आटे और दालों की जुलाई से अक्तूबर तक सप्लाई की जाती है और थोक गोदामों में ब्रिकी जुलाई से लेकर नवंबर माह तक होती है।

2020-21 के लिए भी खाद्य वस्तुओं के साथ आटे की आपूर्ति की गई थी। हर वर्ष खाद्यान्नों की काफी मात्रा वितरण के बाद शेष रह जाती है। निगम की ओर से जारी परमिटों अनुसार बिक्री करने के बाद थोक गोदाम कारगा और उदयपुर में अन्य खाद्य वस्तुओं के साथ 2200 क्विंटल आटा शेष रह गया था। जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में थोक गोदाम कारगा व उदयपुर में शेष बचे आटे व दालों के स्टॉक की गुणवत्ता जांचने के लिए निगम ने गोदाम प्रभारियों से सैंपल मंगवा लिए हैं और जल्द ही जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। लैब टेस्टिंग रिपोर्ट आने के बाद ही आटे व दालों का आवंटन किया जाएगा।

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