एचआरटीसी आरएम बिलासपुर को अनिल कश्यप की दो टूक – कहा मात्र प्रेस रिलीज देने से नहीं होते काम

बिलासपुर में आजकल बस सर्विसेस के हालात बेहद चिंताजनक है। यहां कोई भी अधिकारी किसी की समस्या सुनने के लिए तैयार नही होता। जब भी कोई भी मदद चाहने वाला फ़ोन करता है तो वहां के अधिकारी फ़ोन उठाना तक उचित नही समझते। हमारी टीम को जानकारी मिलने पर हमने अलग अलग लोगों से फ़ोन करवाए तो किसी ने बसों के बारे जानकारी देने वाले नंबर पर फोन नही उठाया। इस मामले में हमारी टीम ने जब स्वयं सेवी संस्था राइट फाउंडेशन की बिलासपुर यूनिट से बात की तो यूनिट के अध्यक्ष अनिल कश्यप का कहना था कि लगभग दो दिन पहले एचआरटीसी क्षेत्रीय प्रबन्धक ने प्रेस रिलीज में कहा था कि छुट्टी के दिन भी अगर रूट बन्द होने से ग्रामीणों को समस्या होती है तो उन रूटों को बन्द नहीं किया जाएगा। परंतु जब मैंने एचआरटीसी इंक्वायरी 01978-222554 पर तीन बार फोन लगाया परंतु वहां के जो इंचार्ज है उन्होंने फोन उठाना सही नहीं समझा। क्या ऐसे पैसेंजर फ्रेंडली बनेगा एचआरटीसी? अनिल कश्यप ने आरएम बिलासपुर को कहा है मात्र प्रेस रिलीज में लिख देने से काम नहीं हो जाते।

कश्यप का कहना है कि मुझे लगभग 8-10 लोगों का फोन आया जो लोग बंदला से ब्रह्मपुखर जाने के लिए बस का इंतज़ार कर रहे थे। परंतु जब मैने इंक्वायरी में बस की डिमांड के लिए फोन लगाया तो अड्डा इंचार्ज ने फोन कॉल को रिसीव करने सही नहीं समझा। क्या एचआरटीसी प्रबन्धन को ये जनता की समस्या नहीं लगती? चालक परिचालकों को जो आदेश दिए गए होते है वह उन्हीं आदेशों पर चलते है, बस का संचालन प्रबंधन पर निर्भर करता है ।

अनिल कश्यप का कहना है कि परिवहन मंत्री एचआरटीसी प्रबन्धन की मनमानियों पर नकेल कसे जिससे जनता को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।

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