एनआईटी हमीरपुर में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर असिस्टेंट प्रोफेसर निलंबित

हिमाचल प्रदेश के एनआईटी हमीरपुर में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के संकाय बोर्ड की बैठक के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने करने वाले एक संकाय सदस्य और असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। अब उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। एनआईटी हमीरपुर के फेकल्टी बोर्ड की बैठक गुरुवार को हुई थी। इस बैठक के दौरान ही एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जिस पर सभी सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। शुक्रवार को इस मामले में कार्रवाई करते हुए अब संबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है।

इसके अलावा शुक्रवार को ही एनआईटी प्रशासन ने बोर्ड ऑफ गवर्नर की मंजूरी के बाद संस्थान ने प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के ग्रेड-पे की लंबित मैपिंग शुक्रवार को कर दी। प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के ग्रेड पे को क्रमश: 10 हजार रुपये से 10500, और 9000 से 9500 रुपये मैप किया गया है। मैपिंग से 45 संकाय सदस्यों जिसमें 19 प्रोफेसर और 26 एसोसिएट प्रोफेसरों को लाभ होगा। यह वित्तीय लाभ इन सभी को बीते सात सितंबर 2018 से मिलेगा। मैपिंग का यह मामला वर्ष 2018 से लंबित था। लेकिन एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. ललित अवस्थी ने बोओजी की बैठक में इस मुद्दे को उठाया। बोर्ड ऑफ गवर्नर के सभी सदस्यों की अनुशंसा पर अब इसे लागू किया गया है।

18 जून को होगी बीओजी की बैठक
एनआईटी हमीरपुर की बोओजी की बैठक 18 जून को प्रस्तावित है। इस बैठक में बर्खास्त किए गए प्रोफेसर विनोद कुमार यादव के समय नियमों के विपरित भर्ती हुए करीब पांच दर्जन असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-दो के कंट्रेक्ट मामले पर भी चर्चा होगी। नियमों की अवहेलना के चलते ही प्रो विनोद कुमार यादव को एनआईटी हमीरपुर के निदेशक पद से बर्खास्त किया गया था।


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