प्रदेश को मिलीं 306 स्टाफ नर्स, आईजीएमसी में 100 की तैनाती, टांडा मेडिकल कालेज में 44 नर्सों की नियुक्ति

कोरोना महामारी के बीच पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग को कुछ हद तक संजीवनी मिली है। हिमाचल स्वास्थ्य विभाग में 306 नई स्टॉफ नर्सेज की तैनाती की गई है।

सबसे ज्यादा 100 नर्सेज आईजीएमसी शिमला में तैनात की गई हैं। इसके अलावा अन्य मेडिकल कालेजों को भी नर्सों की नियुक्ति दी गई है, जबकि अन्य अस्पतालों में भी कई नर्सों को नियुक्त किया गया है। सभी का तीन साल का अनुबंध होगा।

इसके बाद इनका कहीं भी तबादला किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। जानकारी के अनुसार कोरोना के चलते प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में 306 नई स्टाफ नर्सों की तैनाती की है।

इसमें सबसे ज्यादा इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज शिमला यानी आईजीएमसी में 100 नर्सों की तैनाती की है, जबकि टांडा मेडिकल कालेज में 44, नाहन मेडिकल कालेज में 34, मंडी जिला के लिए 15, चंबा मेडिकल कालेज को 11 और हमीरपुर मेडिकल कालेज को सात स्टाफ नर्सें भेजी गई हैं।

अन्य नर्सों को जिलों के सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनाती दी गई है। इन नर्सों की तैनाती से स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों की कमी हुई है।

सरकार की ओर से आदेशों के मुताबिक इन नर्सों की तैनाती अनुबंध आधार पर की गई है। सप्ताह के भीतर इन्हें ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा गया है। तीन साल तक इनका तबादला नहीं होगा।

इस दौरान अगर ये नर्सें अपनी मर्जी से छुट्टी पर जाती हैं, तो उन्हें बर्खास्त भी किया जा सकता है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि मेडिकल कालेजों में नर्सों की कोई कमी नहीं है। कोरोना वार्डों में सेवाएं लेने के साथ-साथ इन्हें विभिन्न अस्पताल के अन्य वार्डों में भी तैनात किया जाएगा।

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