Bihar News: उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भूमि सुधार विभाग का नया सर्कुलर जारी किया है। इसमें साल 2003 से 2023 तक के जमीन से जुड़े सभी नियम शामिल हैं। इसका उद्देश्य अधिकारियों के लिए नियमों को सरल बनाना है। साथ ही आम लोगों के जमीन संबंधी काम तेजी से निपटाना है।
सिन्हा ने बताया कि इस सर्कुलर को चार हिस्सों में बांटा गया है। इससे विभाग के कर्मचारी नियम आसानी से समझ सकेंगे। काम करते समय उन्हें किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। नियमों की स्पष्टता से कार्य प्रक्रिया तेज होगी। आवेदकों को समय पर सेवा मिल सकेगी।
लंबित मामलों में आई भारी गिरावट
भूमिसुधार जनकल्याण कार्यक्रम के तहत काम तेज हुआ है। लंबे समय से लटके मामलों का निपटारा हो रहा है। दाखिल-खारिज, परिमार्जन और जमीन नापने के काम पहले से ज्यादा तेज हुए हैं। इसका सीधा असर लंबित मामलों की संख्या पर पड़ा है।
विभाग में लंबित मामलों की संख्या चार हजार से अधिक कम हुई है। यह गिरावट कार्य दक्षता में सुधार को दर्शाती है। नई प्रक्रियाओं और निगरानी से यह सफलता मिली है। अब आवेदनों के निपटान की दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
आवेदन निपटान दर में उछाल
पहलेसिर्फ 19 प्रतिशत आवेदनों पर कार्रवाई हो पाती थी। अब यह दर बढ़कर 69 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह विभाग की कार्य क्षमता में बड़ा सुधार दर्शाता है। निपटाए गए आवेदनों की संख्या भी काफी बढ़ी है। यह संख्या ग्यारह हजार से बढ़कर सत्ताईस हजार हो गई है।
तेज हुई कार्यवाही से आम लोगों को लाभ मिल रहा है। उनके जमीन से जुड़े काम समय पर पूरे हो रहे हैं। इससे लोगों का विभाग पर भरोसा बढ़ा है। आवेदनों की बढ़ती संख्या इसी भरोसे को प्रमाणित करती है।
नए आंकड़े जल्द होंगे जारी
मकर संक्रांतिके बाद भूमि राजस्व विभाग के नए आंकड़े जारी किए जाएंगे। ये आंकड़े विभाग की वर्तमान प्रगति को दर्शाएंगे। साथ ही भविष्य की रणनीति बनाने में मदद करेंगे। विभाग की कार्यशैली में पारदर्शिता लाना एक मुख्य लक्ष्य है।
सिन्हा ने माना कि पहले कुछ लापरवाही और गलत तरीकों से काम सुस्त था। अब इन समस्याओं को ठीक किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि जमीन से जुड़े सभी काम साफ और समय पर हों। नया सर्कुलर इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भूमि सुधार की दिशा में निरंतर प्रयास
सरकार काध्यान भूमि राजस्व प्रणाली को डिजिटल बनाने पर भी है। इससे रिकॉर्ड में हेराफेरी की संभावना कम होगी। ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार से लोगों को सुविधा मिलेगी। दूरदराज के इलाकों के लोग भी लाभान्वित होंगे।
नए सर्कुलर से अधिकारियों को एक ही जगह नियम मिलेंगे। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और सुसंगत होगी। विवादों के निपटारे में भी आसानी रहेगी। अंततः यह सुधार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगा।
विभाग की यह पहल शासन में सुधार का एक हिस्सा है। इसका लक्ष्य जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। भूमि संबंधी मामलों में तेजी से न्याय दिलाना भी एक उद्देश्य है। आने वाले समय में और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

