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कोरोना वायरस से जंग को 50 हजार करोड़ देगा भारतीय रिजर्व बैंक

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपए आबंटित करेगा। केंद्रीय बैंक की ओर से यह राशि आपात स्वास्थ्य सेवा के लिए दी जाएगी। इसके साथ ही आरबीआई ने लघु वित्त बैंकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय बैंक कोरोना की वर्तमान स्थिति की निगरानी जारी रखेगा। आरबीआई खासकर, नागरिकों, व्यापारिक संस्थाओं और दूसरी लहर से प्रभावित संस्थानों के लिए अपने नियंत्रण के सभी संसाधनों और उपकरणों को तैनात करेगा।

उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के दौरान वायरस तेजी से लोगों को प्रभावित कर रहा है। कोरोना की पहली लहर के बाद इकोनॉमी में रिकवरी दिखनी शुरू हुई थी, लेकिन दूसरी लहर ने एक बार फिर संकट पैदा कर दिया है। ग्लोबल इकोनॉमी में रिकवरी के संकेत हैं। भारत की बात करें, तो भारतीय अर्थव्यवस्था भी दबाव से उबरती दिख रही है। आगे अच्छे मानसून से ग्रामीण मांग में तेजी संभव है। प्राथमिकता वाले सेक्टरों के जल्द ही लोन और इंसेंटिव का प्रावधान किया जाएगा।

रिजर्व बैंक के दो महत्त्वपूर्ण फैसले

केवाईसी को लेकर भी रिजर्व बैंक ने बड़ी छूट देते हुए वीडियो केवाईसी और नॉन फेस टू फेस डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को बढ़ावा देने को कहा। साथ ही इसकी समय सीमा भी 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है।

आरबीआई ने 25 करोड़ रुपए तक कर्ज लेने वाले व्यक्तिगत, छोटे उधारकर्ताओं को ऋण के पुनर्गठन का दूसरा मौका दिया, यदि उन्होंने पहली बार में इस सुविधा का लाभ न लिया हो तो।

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