तिहाड़ से रिहाई और फिर रची मौत की साजिश: कैसे 2 खूंखार आतंकी बन गए भारत के सबसे बड़े दुश्मन?

New Delhi News: तिहाड़ जेल से सजा काटकर छूटे दो आतंकी आज भारत के लिए बड़ा सिरदर्द बन गए हैं। लश्कर-ए-तैयबा के इन खूंखार आतंकियों का नाम शेख सज्जाद गुल और शब्बीर अहमद लोन है। रिहाई के बाद दोनों देश से भाग निकले। अब एक पाकिस्तान में बैठकर द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) चला रहा है। वहीं दूसरा बांग्लादेश में युवाओं को आतंक के रास्ते पर धकेल रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने अब इन्हें ‘मोस्ट वांटेड’ और ‘कैटेगरी-ए’ आतंकी घोषित किया है।

पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड है सज्जाद

शेख सज्जाद गुल ने पाकिस्तान में शरण ली है। वह रावलपिंडी से अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने उसे खास सुरक्षा दी है। सज्जाद लश्कर के छद्म संगठन टीआरएफ (TRF) का मुखिया है। इसी ने कश्मीर के पहलगाम में हुए बड़े आतंकी हमले की साजिश रची थी।

कौन है आतंकी शेख सज्जाद गुल?

सज्जाद का जन्म 1974 में श्रीनगर में हुआ था। उसने बीएससी (BSc) की पढ़ाई की है। इसके बाद उसने केरल से लैब टेक्नीशियन का कोर्स किया। साल 1996 में वह बेंगलुरु चला गया और वहां एमबीए किया। कश्मीर लौटकर उसने अपना एक डायग्नोस्टिक सेंटर खोला। लेकिन जल्द ही वह लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करने लगा। साल 2003 में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेजा था।

शब्बीर लोन बांग्लादेश में रच रहा साजिश

सुरक्षाबलों ने शब्बीर अहमद लोन को 2007 में गिरफ्तार किया था। वह भी करीब एक दशक तक तिहाड़ जेल में बंद रहा। साल 2018-19 के आसपास सज्जाद और शब्बीर दोनों जेल से रिहा हुए। रिहाई के बाद आईएसआई ने शब्बीर को बांग्लादेश भेज दिया। वहां वह एक नया आतंकी मॉड्यूल तैयार कर रहा है। उसका काम भारत के खिलाफ भोले-भाले युवाओं को भड़काना है।

दिल्ली में कराया ‘टेस्ट टास्क’

शब्बीर के गुर्गों ने हाल ही में दिल्ली में एक ‘टेस्ट टास्क’ किया था। उन्होंने एआई समिट (AI Summit) से ठीक पहले दिल्ली में भड़काऊ पोस्टर लगाए। इस घटना ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। सरकार ने दोनों आतंकियों पर अब बड़ा इनाम घोषित किया है। उनकी तलाश में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सघन अभियान चलाया जा रहा है।

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