भीम आर्मी की स्थापना के छह साल पूरे, रवि कुमार ने कहा, जाति विशेष का वर्चस्व खत्म होने और ही खत्म होगी लड़ाई

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देश भर में दलितों के हितों की रक्षा के लिए बनाए गए संगठन भीम आर्मी को बनाए हुए आज छह साल पूरे हो गए। जानकारी के मुताबिक आज भीम आर्मी देश के लगभग सभी प्रदेशों में अपना परचम लहरा चुकी है। आए दिन भीम आर्मी के चीफ चंद्र शेखर रावण दलितों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन और सरकारों से लड़ते नजर आते रहते है। इसी की तर्ज पर हिमाचल में भी बीते कुछ महीने पहले भीम आर्मी का गठन किया गया था और आज पूरे हिमाचल से हजारों युवा और युवतियां भीम आर्मी के साथ जुड़ चुके है। जोकि हर समय दलित शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने को तैयार बैठे है।

भीम आर्मी के छठे स्थापना दिवस के मौके पर हिमाचल के अध्यक्ष रवि कुमार दलित ने कहा कि आज भीम आर्मी भारत एकता मिशन का स्थापना दिवस है 21 जुलाई 2015 को भीम आर्मी की स्थापना भाई चंद्रशेखर रावण और भाई विनय सिंह रतन ने की थी, जिनका मकसद समाज के दबे कुचले पिछड़े लोगों को उठाने का है और हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत वर्ष को आजाद हुए 70 वर्ष से अधिक समय हो गया है। लेकिन आज भी हमारे देश में जातिप्रथा के कारण, विशेष जाति का वर्चस्व बना रहा। दलित सामाजिक व राजनीतिक तौर पर आगे नहीं बढ़ पाए। भारतीय संविधान को तो रूढ़ीवादी मनुवादी विचारधारा के लोगों ने आज भी नहीं माना है। जिससे हमारे देश में एससी, एसटी और ओबीसी पर आज भी विभिन्न तरह से अत्याचार होता रहता है, आज भी उनके साथ गुलामों जैसा व्यवहार किया जाता है। यद्यपि हमारे समुदाय में शिक्षा का कुछ विस्तार हुआ है। लेकिन आज भी शिक्षित व्यक्ति अपने निजी स्वार्थ के लिए ही कार्य करता है।वो राजनीतिक दलों या व्यक्ति विशेष की चमचागिरी में लगा है। उसने समाज के लिए( सर्विस टू सोसाइटी ) नहीं किया है। क्योंकि उन्होंने कभी बाबा साहब को समझा ही नहीं उनके संघर्षों को कभी समझा ही नहीं। उन्होंने किताबें पढ़ी लेकिन अपने व्यवहार में कभी लाया ही नहीं इसीलिए समाज में जिन्हें आसानी से नौकरी पेशा व व्यवसाय मिली। उन्होंने अपने समाज के लिए संघर्ष नहीं किया है।

रवि कुमार दलित आगे कहते है कि इसीलिए हम भारतवर्ष में आज संघषर्रत जितनी भी संस्थाएं हैं, जो संविधान को मानती है। बाबा साहेब के मूल्यों को अपना मूल्य समझती हैं। उन्होंने विभिन्न तरह की संस्थाओं के द्वारा इस मनुवादी रूढ़िवादी विचारधारा के खिलाफ अपना आंदोलन अपना विचार अपना संघर्ष जारी रखा है। उन्होंने चाहे जो भी संस्थाएं बनी, हम उन सब का सम्मान करते हैं। हिमाचल में बनी भीम आर्मी के सभी सदस्यों और पदाधिकारियों का हम तहे दिल से धन्यवाद करते हैं। आज भीम आर्मी जन्म दिवस को हम मना रहे हैं हम बाबा साहब को नमन करते हुए, आप सबको आज के इस शुभ अवसर पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते है और उम्मीद है कि हम सब मिलकर अपने समाज के लिए सर्विस बैक टू सोसाइटी के लिए कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि हम एक गैर राजनीतिक व राजनीति से ऊपर उठकर अपने समाज के लिए कार्य करेंगे। क्योंकि आज भी हमारे समाज में, हमारे समुदाय के लोगों पर भारी अत्याचार देखने को मिलता है। भूमि, भूमि देश के संसाधनों व आय का समान वितरण जब तक नहीं होगा तब तक समाज में बराबरी का अधिकार नहीं मिल सकता बराबरी नहीं मिल सकती है। वह सम्मान नहीं मिल सकता है इसीलिए जब तक देश की संपदा व संसाधन व आय का सम्मान वितरण नहीं होगा। सामाजिक, राजनीतिक समानता व जातिय विशेषताएं समाप्त नहीं होगी। तब तक यह संघर्ष हमारा जारी रहेगा।

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