Ratlam News: रतलाम में सत्ता की हनक और अफसरशाही की बेबसी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां भाजपा के एक पूर्व जिलाध्यक्ष ने सरेआम नगर निगम कमिश्नर का रास्ता रोक लिया। नेताजी ने अधिकारी को खुलेआम शहर की ‘फिजा बिगाड़ने’ तक की धमकी दे डाली। इस दौरान पुलिस और प्रशासन तमाशबीन बना रहा। अब इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे भाजपा की आपसी गुटबाजी और भ्रष्टाचार की लड़ाई बताया है।
सरकारी जमीन और बाउंड्रीवॉल का विवाद
हंगामे की मुख्य वजह सैलाना रोड स्थित कोमल नगर की एक जमीन है। यहां प्रिंस होटल के पास सरकारी भूमि पर बनी बाउंड्रीवॉल को तोड़ने को लेकर विवाद चल रहा है। इसी मामले में भाजपा नेता बजरंग पुरोहित का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने निगम कमिश्नर अनिल भाना को सरेआम घेर लिया। पुरोहित ने धमकी भरे लहजे में कहा, ‘एफआईआर दर्ज करो, वरना मैं रतलाम की फिज़ा बिगाड़ दूंगा।’ प्रशासन की चुप्पी पर अब सवाल उठ रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप- यह वसूली की जंग है
भाजपा नेता की धमकी के बाद कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने इसे भाजपा की अंदरूनी लड़ाई करार दिया है। वर्मा का कहना है कि रतलाम भाजपा कई गुटों में बंट चुकी है। यह विवाद पूर्व और वर्तमान पार्षदों के बीच वर्चस्व का है। कांग्रेस के मुताबिक, एक गुट प्रिंस होटल का पक्ष ले रहा है, तो दूसरा डॉल्फिन स्विमिंग पूल मालिक के साथ खड़ा है। आरोप है कि यह लड़ाई जनहित की नहीं, बल्कि मोटी रकम और वसूली की है।
हिंदुत्व का रंग देने की कोशिश
कांग्रेस ने भाजपा नेताओं पर कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगाया है। शांतिलाल वर्मा ने कहा कि अपनी निजी लड़ाई और भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए मामले को ‘हिंदुत्व’ का रंग दिया जा रहा है। ये लोग शहर में डर का माहौल पैदा करना चाहते हैं। वर्मा ने एक सरकारी अधिकारी (लोक सेवक) को धमकाने की घटना को शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि इनका मकसद शहर का विकास नहीं, बल्कि उसे लूटना है।
एफआईआर की मांग पर अड़ी कांग्रेस
रतलाम कांग्रेस ने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि जो नेता खुलेआम शहर की शांति भंग करने की बात कर रहा है, उस पर तुरंत केस दर्ज होना चाहिए। अधिकारी को धमकाना एक गंभीर अपराध है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि शहर का माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रशासन को किसी भी दबाव में आए बिना अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
