हिमाचल में लगभग 4 लाख तक नेपाली मजदूर आते है जो विभिन्न क्षेत्रों में जा कर हिमाचल के हर गांव में जा कर मजदूरी करते है नेपाली मजदूर वैसे तो पूरे विश्व में जाते है लेकिन नेपाल और भारत का रिश्ता रामायण काल से बहुत गहरा रहा है ।

नेपाल भी हिन्दू देश है और हर त्यौहार भारत की तरह वहां भी मनाता आ रहा है इस लिए ज्यादा तर नेपाली मजदूर भारत ही आते है और यहां सड़क निर्माण,भवन निमार्ण खेती बागवानी से ले कर कई बड़ी परियोजनाओ में कार्य करते हैं ।

कई नेपाली मजदूर तो यहां सरकारी नौकरियों में कार्यरत भी है। वैसे तो हिमाचल में भारत के हर कोने-कोने से मजदूर आते है। बात कर विदेशी मजदूरों की जाएं तो नेपाल के मजदूर भारत में सदियों से आता रहा हैं ।

हिमाचल में विकास को देखते है तो इन नेपाली मजदूरों का सबसे ज्यादा योगदान रहा है हिमाचल पहाड़ी राज्य है और बागवानी में हिमाचल का पूरे विश्व में अलग नाम है । अगर हिमाचल का नाम बागवानी में श्रेष्ठ आता है तो सिर्फ इन्हीं नेपाली मजदूरों के सहयोग से है। इसलिए ये जानना भी जरूरी है, क्या हिमाचल में नेपाली मजदूरों को जो गाँव में शहरों में काम गाँव में करतें है। उनका सरकार प्रशासन आम जनता पूरा सहयोग करते हैं उन्हें हर प्रकार की मदद मिलती है।

वैसे जहां तक मुझे ज्ञात है भारत के आम जनता नेपाली मजदूर को हर प्रकार की मदद करती है और उन्हें प्यार से बहादुर भाई भी कहते है कई नेपाली मजदूरों और नेपाली शासकों ने यहां शादियां भी की है और कई सरकारी ऑफीसों में पक्की नौकरियां भी कर रहे है लेकिन जब से भारत में अब हर विभाग ठेकेदारी और प्राइवेट कर दिये हैं अब नेपाली मजदूर भी प्राइवेट और ठेकेदारों के साथ ही मजदूरी करते है।

कई नेपाली बहुत बड़े लेवल के यहां ठेकेदार भी है जो विकास कार्यों में यहां योगदान करते आ रहे हैं । कुछ ऐसे नेपाली मजदूर अब भारतमें आये है जो सिर्फ अपनी निजी स्वार्थ के लिए अब मान दय से ज्यादा दैनिक वेतन ले रहें है जबरदस्ती कर रहे हैं। ऐसे में अब हिमाचल में कुछ युवा वर्ग इनसे तंग आ कर गाँव में ही अब बेरोजगार युवकों ने मजदूरी करने की ठानी है उनका कहना है अब यहां हर गाँव-गांव में सड़क पहुंच गई है आप पहले जैसे हालात नहीं है इस लिए अब उन्हें मजदूरी करने में कोई परहेज भी नहीं है ।

लेकिन फिर भी नेपाली मजदूरों की आवश्यकता तो यहां रहती है। इस लिए मेरा अपील है। हिमाचल में जितने पढ़े लिखे नेपाली संगठन है। कृपा उन्हें बताए उचित मूल्य पर काम कर असहाय लोगों से ज्यादा पैसे ना ले और भारत और नेपाल के मित्रता को मैत्री पूर्ण निभाये नमन।

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