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राजपूत रियासतें: 565 राज्य दान की हकीकत या जातिवाद की आग? हिमाचल पुलिस के जवान मनोज ठाकुर की पोस्ट ने मचाया तहलका!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश पुलिस के जवान मनोज ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली। इसमें उन्होंने राजपूतों द्वारा 565 रियासतें, 18,700 किले और 40 लाख एकड़ जमीन दान करने का जिक्र किया। ठाकुर ने इसे राजपूतों की महानता बताया। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि यह पोस्ट जातिवाद फैला सकती है। हकीकत में भारत की आजादी के समय रियासतों का विलय हुआ। राजपूत रियासतें प्रमुख थीं। ब्रिटिश काल में रियासतें और प्रांत अलग थे। कुल 565 रियासतें भारत में शामिल हुईं।

मनोज ठाकुर की पोस्ट का विश्लेषण

मनोज ठाकुर ने अपनी पोस्ट में राजपूतों का गुणगान किया। उन्होंने लिखा कि राजपूतों ने बड़ी संपत्ति दान की। आज लोग उन्हें झुकाने की बात करते हैं। लेकिन इतिहासकारों के अनुसार यह दावा अतिरंजित है। राजपूत शासकों ने रियासतें छोड़ीं। यह आजादी के बाद विलय का हिस्सा था। सरदार पटेल ने इस प्रक्रिया को संभाला। ठाकुर की पोस्ट जातीय गौरव बढ़ाती है। लेकिन यह समाज में विभाजन पैदा कर सकती है। विकिपीडिया जैसे स्रोत बताते हैं कि राजपूत रियासतें करीब 210 थीं। इनमें जयपुर, जोधपुर और उदयपुर प्रमुख हैं।

राजपूत रियासतें और उनका योगदान

राजपूत रियासतें भारत की कुल रियासतों का बड़ा हिस्सा थीं। इनमें 210 रियासतें राजपूत शासकों की थीं। प्रमुख राजा जैसे महाराणा प्रताप और राणा सांगा ने इतिहास बनाया। ब्रिटिश काल में ये रियासतें स्वायत्त थीं। लेकिन 1947 में विलय हुआ। कई राजपूत राजाओं ने स्वेच्छा से भारत जॉइन किया। उदाहरण के लिए जोधपुर के महाराजा हनवंत सिंह ने इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन पर साइन किया। ब्रिटानिका बताती है कि रियासतें भारत या पाकिस्तान में शामिल हुईं। राजपूतों ने किले और जमीन छोड़ी। लेकिन इसे दान नहीं कह सकते। यह राष्ट्रीय एकता का कदम था।

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अन्य रियासतों का वर्गीकरण

भारत में कुल 565 रियासतें थीं। इनमें मराठा रियासतें 95 थीं। दक्षिण भारतीय हिंदू रियासतें 38 थीं। मुस्लिम रियासतें 88 थीं। आदिवासी रियासतें 75 थीं। सिख रियासतें 6 थीं। गुर्जर रियासतें 3 थीं। यादव रियासतें 2 थीं। ब्रिटिश प्रेसिडेंसी 3 थीं। ब्रिटिश चीफ कमिश्नर प्रांत 14-15 थे। विकिपीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक हैदराबाद जैसी मुस्लिम रियासतें बड़ी थीं। ग्वालियर और इंदौर मराठा शासित थे। ये सभी 1947 से 1950 तक भारत में विलय हुईं।

भारत (1947 पहले ) : रियासतें + ब्रिटिश शासन [ संक्षिप्त ववाइड टेबल ]

  1. राजपूत रियासतें : 210
  2. मराठा रियासतें: 95
  3. दक्षिण भारतीय हिंदू रियासतें : 38
  4. मुस्लिम रियासतें : 88
  5. आदिवासी/जनजातीय रियासतें : 75
  6. सिख रियासतें : 6
  7. गुर्जर रियासतें : 3
  8. यादव / अहीर रियासतें : 2
  9. British Presidencies : 3
  10. British C.C. Provinces : 14-15
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ब्रिटिश शासन और रियासतों का विलय

ब्रिटिश काल में रियासतें अप्रत्यक्ष शासन के अधीन थीं। 1947 में इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट आया। रियासतों को भारत या पाकिस्तान चुनने का विकल्प मिला। कई ने भारत चुना। कुछ जैसे हैदराबाद पर ऑपरेशन पोलो चला। जूनागढ़ में विद्रोह हुआ। ब्रिटानिका बताती है कि सरदार पटेल और वीपी मेनन ने विलय कराया। राजपूत राजाओं ने अपनी रियासतें छोड़ीं। लेकिन यह दान नहीं था। यह राजनीतिक फैसला था। प्रिवी पर्स मिले जो 1971 में खत्म हुए।

राजपूत रियासतें: हकीकत और मिथक

ठाकुर की पोस्ट में दान का जिक्र है। लेकिन इतिहास में विलय दबाव से हुआ। कुछ राजपूत राजा जैसे उदयपुर के महाराणा ने विरोध किया। फिर भी विलय हुआ। ऑक्सफोर्ड रिसोर्स बताते हैं कि रियासतें 1947 में भारत का हिस्सा बनीं। जातिवाद बढ़ाने वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होती हैं। लेकिन तथ्य जांच जरूरी है। राजपूत रियासतें भारत के इतिहास का अहम हिस्सा हैं।

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