कांग्रेस नेता राहुल गांधी का केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला जारी है। राहुल गांधी ने अपने एक ट्वीट में कहा कि भारत अब लोकतांत्रिक देश नहीं रह गया है। अपने ट्वीट में एक विदेशी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट का हवाला दिया।

राहुल गांधी ने आज गुरुवार को अपने ट्वीट के साथ कंटेंट से भरा एक फोटो भी शेयर की, जिस पर लिखा हुआ है कि पाकिस्तान की तरह अब भारत भी ऑटोक्रेटिक है। भारत की स्थिति बांग्लादेश से भी खराब है। इसमें स्वीडन स्थित इंस्टीट्यूट की डेमोक्रेसी रिपोर्ट का हवाला दिया गया है।

इससे पहले स्वीडन स्थित वी-डेम इंस्टीट्यूट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि भारत अब ‘इलेक्टोरेल डेमोक्रेसी’ नहीं रहा है, बल्कि देश को ‘इलेक्टोरेल ऑटोक्रैसी’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत अब ‘इलेक्टोरेल ऑटोक्रैसी’ बन गया है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले दिनों किसान आंदोलन के 100 दिन पूरे होने के मौके पर मोदी सरकार पर निशाना साधा था। अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने कहा कि देश के अन्नदाता अपना अधिकार मांग रहे हैं और सरकार उन पर अत्याचार कर रही है। उन्होंने लिखा, ‘देश की सीमा पर जान बिछाते हैं जिनके बेटे, उनके लिए कीलें बिछाई हैं दिल्ली की सीमा पर। अन्नदाता मांगे अधिकार, सरकार करे अत्याचार!’

यही नहीं राहुल गांधी ने बढ़ती महंगाई को लेकर मोदी सरकार को घेरा था। उन्होंने 5 मार्च को ट्वीट में कहा, ‘अंधी महंगाई 3 कारणों से असहनीय है- 1. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के गिरते दाम। 2. केंद्र सरकार के द्वारा टैक्स के नाम पर डकैती। 3. इस डकैती से 2-3 उद्योगपतियों का मुनाफ़ा।पूरा देश इसके ख़िलाफ़ एकजुट है- सरकार को सुनना ही होगा।” साथ ही ही राहुल गांधी ने सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग की।

भाजपा का पलटवार

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला बोलते हुए बीजेपी नेता राकेश सिन्हा ने कहा, पश्चिमी देशों की नवसाम्राज्यवादी ताकतें जो भारत की उभरती हुई ताकत, प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को हजम नहीं कर पा रहे हैं। उसके लिए भारत में एक एजेंट के तौर पर राहुल गांधी काम कर रहे हैं। दो गांधी में इस तरीके का अंतर है। यह इससे समझा जा सकता है कि महात्मा गांधी कैथरीन मेयो ने एक किताब मदर इंडिया लिखी थी उसे गटर की रिपोर्ट बताया था। आज कनाडा की एक संस्था ने जो रिपोर्ट जारी की है उसको राहुल गांधी प्रतिष्ठा देने की कोशिश कर रहे हैं। यह रेखांकित करता है कि राहुल गांधी पश्चिम देशों की ताकतों के साथ मिलकर भारत की एकता संप्रभुता की अवहेलना कर रहे हैं।

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